Tamnar Violence Case : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जेपीएल (JPL) कोयला खदान के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। तमनार हिंसा के मास्टरमाइंड राजेश मरकाम को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राजेश मरकाम पर केवल हिंसा भड़काने का ही नहीं, बल्कि जानलेवा हमला, लूटपाट, बलवा और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। सबसे घिनौना आरोप उस पर महिला थाना प्रभारी (TI) की पिटाई करने और आरक्षक के कपड़े फाड़ने का है। पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार किया जब वह कानून से छिपने की कोशिश कर रहा था। इस गिरफ्तारी से स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल ने बड़ी राहत की सांस ली है।

22 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी, बाकी की तलाश जारी
पुलिस की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस पूरे हिंसक घटनाक्रम में अब तक कुल 22 आरोपियों को पुलिस सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पूंजीपत्रा और करनार पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 जुलाई को भी कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि हिंसा में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना में संलिप्त बाकी के अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हिंसा के वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर एक आरोपी को चिन्हित किया जा रहा है ताकि उन्हें कड़ी सजा दिलाई जा सके।

क्या था 6 महीने पुराना तमनार का वह काला अध्याय?
यह दर्दनाक वाकया लगभग 6 महीने पहले तमनार क्षेत्र में जेपीएल कोयला खदान के विरोध के दौरान हुआ था। प्रदर्शन का स्वरूप देखते ही देखते इतना हिंसक हो गया कि भीड़ ने कानून व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उस समय भीड़ में शामिल प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी को निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और जब वह एक खेत में गिर गई, तो उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि अपराधियों ने उसकी वर्दी फाड़ दी और उसे अर्धनग्न कर दिया। यह घटना न केवल शर्मनाक थी बल्कि इसने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और महिला सम्मान के प्रति गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
पहले चरण में 5 आरोपी हुए थे नामजद
हिंसा के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को नामजद किया था। उस समय पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास (सभी ग्राम आमगांव निवासी) और वनमाली राठिया (ग्राम झरना निवासी) शामिल थे। इन लोगों ने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, बल्कि इलाके में तीन वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था। उस समय की कार्रवाई के बाद से ही मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश तेज कर दी गई थी। फिलहाल, मास्टरमाइंड राजेश मरकाम की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है और पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।












