Portugal vs Croatia: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉक-आउट चरण में एक ऐसा विवादित पल आया जिसने फुटबॉल जगत में भूचाल ला दिया है। राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच हुई भिड़ंत का अंत बेहद विवादास्पद रहा। अंतिम क्षणों में क्रोएशिया द्वारा किए गए बराबरी के गोल को ‘स्निको टेक्नोलॉजी’ (Snicko Technology) की मदद से ऑफसाइड करार देकर अमान्य घोषित कर दिया गया, जिससे क्रोएशिया की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई और पुर्तगाल ने 2-1 से जीत दर्ज कर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। यह फैसला इतना सूक्ष्म था कि सामान्य मानवीय दृष्टि से इसे देख पाना असंभव था, लेकिन तकनीक ने इस मुकाबले का परिणाम पूरी तरह बदल दिया।

103वें मिनट का हाई-वोल्टेज ड्रामा और तकनीक का हस्तक्षेप
मैच की शुरुआत में क्रोएशिया ने इवान पेरिसिक के 53वें मिनट के गोल से बढ़त बनाई थी, जिसे बाद में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनल्टी के जरिए 1-1 की बराबरी पर ला दिया। खेल के 94वें मिनट में गोंसालो रामोस के हेडर ने पुर्तगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी। मैच के आखिरी पलों यानी 103वें मिनट में जब क्रोएशिया ने अंतिम हमला बोला, तो जोसको ग्वार्डियोल ने गेंद को नेट में डाल दिया, जिससे स्टेडियम में मौजूद क्रोएशियाई फैंस झूम उठे। हालांकि, मैच की गेंद के भीतर लगी स्निको तकनीक ने संकेत दिया कि जब गेंद बॉक्स में आ रही थी, तो इगोर माटानोविच के सिर को वह बेहद मामूली रूप से छूकर गुजरी थी। इस सूक्ष्म टच ने मारियो पसालिक को ऑफसाइड स्थिति में धकेल दिया। रेफरी एस्पेन एस्कास ने वीएआर (VAR) रिव्यू के बाद गोल को खारिज कर दिया।

प्रशंसकों का फूटा गुस्सा, मैदान पर बरसाईं बोतलें
वीएआर के इस फैसले से क्रोएशियाई समर्थक बुरी तरह भड़क गए। नाराज प्रशंसकों ने विरोध जताते हुए बीएमओ फील्ड के मैदान पर पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे मैच को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। माहौल को शांत करने के लिए क्रोएशिया के गोल करने वाले खिलाड़ी पेरिसिक को खुद फैंस के बीच जाना पड़ा। स्टेडियम प्रशासन ने बड़ी स्क्रीन पर ऑफसाइड का रीप्ले दिखाया, ताकि दर्शकों को तकनीक द्वारा पकड़ी गई वह तकनीकी गलती समझ आ सके जिसके कारण गोल रद्द किया गया था। यह दृश्य खेल में तकनीक के बढ़ते प्रभाव और उसके प्रति प्रशंसकों की नाराजगी को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था।
मोड्रिच के वर्ल्ड कप करियर का दुखद अंत
मैच के अंत में क्रोएशियाई खिलाड़ियों का दर्द साफ दिखाई दे रहा था। माटेओ कोवासिच मैदान पर ही फूट-फूटकर रोते हुए देखे गए। इस हार का सबसे बड़ा सदमा क्रोएशिया के महान कप्तान 40 वर्षीय लुका मोड्रिच के समर्थकों को लगा। पिछले दो विश्व कप में अपनी टीम को फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुंचाने वाले मोड्रिच के जादुई वर्ल्ड कप करियर का समापन इस प्रकार के दर्दनाक मोड़ पर होना फुटबॉल प्रेमियों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है। अब राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल का सामना स्पेन की मजबूत टीम से होगा, लेकिन इस मुकाबले की कड़वी यादें लंबे समय तक प्रशंसकों के जहन में ताजा रहेंगी।
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