Durg Cyber Crime : दुर्ग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक और व्यापक अभियान चलाते हुए ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के बैंक खातों) के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर दिया है। एसएसपी विजय अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए 1149 से अधिक ऐसे संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है, जिनका उपयोग करोड़ों रुपये की साइबर ठगी, अवैध सट्टेबाजी और हवाला जैसी आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इस कार्रवाई के अंतर्गत अब तक 39 गंभीर एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 175 लोगों को कानून के दायरे में लाया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में साइबर धोखाधड़ी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो रही है।

लालच का जाल: गरीबों के खातों से हो रहा करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में यह भयावह तथ्य सामने आया है कि साइबर ठगों ने अपने नेटवर्क को विस्तार देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाया है। ठग भोले-भाले लोगों को मामूली कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते किराए पर ले लेते हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अपराधी बाजार में बिजनेस अकाउंट के लिए 50 हजार, सेविंग अकाउंट के लिए 25 हजार और करंट अकाउंट के लिए 15 हजार रुपये तक का भुगतान कर रहे हैं। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी की रकम को खपाने और सट्टेबाजी के लिए किया जा रहा है। मोहन नगर, सुपेला और भिलाई जैसे क्षेत्रों में ऐसे सैकड़ों खातों के जरिए करोड़ों का लेनदेन पकड़ा गया है, जो इस रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह बताने के लिए काफी है।

मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए पुलिस की कड़ी घेराबंदी
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि समन्वय पोर्टल से प्राप्त सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस लगातार इन म्यूल अकाउंट्स को फ्रीज कर रही है। एसएसपी के अनुसार, जब तक इन खातों का संचालन बंद नहीं होगा, तब तक ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड पर पूर्ण विराम लगाना कठिन है। पुलिस अब केवल छोटे स्तर के खाताधारकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है। पुलिस की विशेष टीमें तकनीक का सहारा लेकर इन खातों के जरिए हो रहे धन के प्रवाह (Money Trail) का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि उन बड़े चेहरों तक पहुंचा जा सके जो परदे के पीछे से इस गिरोह को चला रहे हैं।
नागरिकों के लिए चेतावनी: खाते किराए पर देना है अपराध
दुर्ग पुलिस ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता किराए पर देना या उसे साझा करना न केवल अनैतिक है, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध भी है। जो खाताधारक अपने अकाउंट का दुरुपयोग होने देते हैं, उन्हें भी ठगों के बराबर ही दोषी माना जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि बैंक खाते का उपयोग केवल खाताधारक स्वयं करें। इस अभियान के माध्यम से दुर्ग पुलिस न केवल साइबर अपराधों को रोकने का प्रयास कर रही है, बल्कि लोगों को भी जागरूक कर रही है कि वे अनजाने में किसी बड़ी मुसीबत और जेल की सलाखों के पीछे न पहुंचें।
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