Surajpur News : हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पांच आरोपियों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सूरजपुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी की है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को 10 अगस्त 2026 अथवा उससे पहले न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय तक पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, चौकी बसदेई क्षेत्र की रहने वाली हसीना बीबी ने 14 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम जूर स्थित खेत में वह अपने परिवार के साथ मौजूद थीं। इसी दौरान जमीनी विवाद को लेकर आरोपी पक्ष लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए खेत छोड़ने तथा जान से मारने की धमकी दी। विवाद की सूचना मिलने पर जब उनके पति यासीन हफीजी मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में यासीन के सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिन्हें चिकित्सकीय परीक्षण में मानव जीवन के लिए खतरनाक बताया गया।

प्रार्थिया की शिकायत पर चौकी बसदेई पुलिस ने अपराध क्रमांक 244/2026 दर्ज करते हुए बीएनएस की धारा 296(बी), 351(3), 115(2), 191(1), 191(2) एवं 109 के तहत मामला कायम कर विवेचना शुरू की।
जांच में आरोपी लगातार रहे फरार
जांच के दौरान आरोपी लगातार फरार रहे। न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट भी तामील नहीं हो सका। पुलिस की रिपोर्ट में आरोपियों के न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए फरार रहने का उल्लेख किए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धारा 84 बीएनएसएस के तहत उनके विरुद्ध उद्घोषणा जारी की।
उद्घोषणा जिन आरोपियों के विरुद्ध जारी की गई है उनमें मोहम्मद अयुब अंसारी, अख्तर रजा, उमर रजा, असलम अंसारी और सफिरन निशा, सभी निवासी ग्राम जूर, चौकी बसदेई शामिल हैं।
उद्घोषणा आरोपियों के घर के सामने चस्पा
पुलिस ने न्यायालय के आदेश के पालन में उद्घोषणा आरोपियों के घर के सामने चस्पा कर दी है तथा उनके परिजनों और ग्रामीणों की उपस्थिति में उद्घोषणा को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी निर्धारित तिथि तक न्यायालय में उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।











