Donation Controversy : राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच गुटबाजी तेज, चंपत राय को लेकर बढ़ी सियासी हलचल

राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी विवाद के बीच अब गुटबाजी की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि संतों का एक वर्ग चंपत राय के समर्थन में सक्रिय है। आखिर विवाद की शुरुआत कैसे हुई, आरोप क्या हैं और अब आगे क्या हो सकता है, पूरी जानकारी पढ़िए।

Donation Controversy :  अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित दान चोरी के मामले ने न केवल जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है, बल्कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर भी हलचल मचा दी है। इस गंभीर प्रकरण पर मंथन करने के लिए 6 जुलाई (सोमवार) को ट्रस्ट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक से ठीक पहले संत समाज के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। एक ओर जहाँ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर जांच का घेरा बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर संतों के अलग-अलग खेमे उनके समर्थन और विरोध में बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

ads
Adst

चंपत राय के समर्थन में खड़ा हुआ संत समाज

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर संतों का एक बड़ा वर्ग उनके बचाव में उतर आया है। इस खेमे का मानना है कि मंदिर निर्माण के कठिन दौर से लेकर चंदा जुटाने तक, चंपत राय की भूमिका अतुलनीय रही है। अयोध्या के कई वरिष्ठ संतों का कहना है कि उन्हें चंपत राय की निष्ठा और ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि चंपत राय ने जिस तरह से निष्पक्ष जांच के लिए स्वयं एसआईटी (SIT) से आग्रह किया, वह उनकी न्यायप्रियता का ही प्रमाण है। संतों का स्पष्ट मत है कि ट्रस्ट को किसी भी स्थिति में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे पूरी तरह से निर्दोष हैं।

Adst

आरोपों को बताया बेबुनियाद और साजिश

संत समाज के इस समर्थक गुट ने चंपत राय पर लग रहे तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें ‘झूठा और बेबुनियाद’ करार दिया है। संतों का कहना है कि मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाया जा रहा दुष्प्रचार निंदनीय है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि सरकार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एसआईटी का गठन किया। संतों ने चंपत राय के संयम की तारीफ करते हुए कहा कि तमाम आरोपों के बावजूद उन्होंने कोई अनर्गल बयान नहीं दिया है और वे पूरी धैर्य के साथ जांच का सामना कर रहे हैं, जो उनके महान व्यक्तित्व को दर्शाता है।

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी के कामकाज पर उठे सवाल

जहाँ एक ओर चंपत राय के समर्थन में स्वर मुखर हैं, वहीं संतों का दूसरा खेमा ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जी के कामकाज पर गंभीर सवाल उठा रहा है। संतों के इस समूह ने कोषाध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर नाराजगी व्यक्त की है और उनसे कोष प्रबंधन पर स्पष्टीकरण मांगा है। उनका मुख्य आरोप यह है कि मंदिर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों में लापरवाही क्यों बरती गई? इसके अलावा, उन्होंने 11 जून को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक को अचानक तय समय से पहले आयोजित किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। संतों ने पूछा है कि आखिर इस बैठक को समय से पूर्व बुलाने के पीछे का क्या गुप्त मकसद था और इसका जवाब गोविंद देव गिरी जी को देना ही होगा।

आगामी सोमवार को होने वाली यह बैठक न केवल दान चोरी के मामले की जांच की दिशा तय करेगी, बल्कि ट्रस्ट के भीतर चल रही इस आंतरिक कलह का समाधान निकालने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगी। संतों के बीच बढ़ती यह तनातनी ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है, जिससे इस बैठक का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

Adst

Read More :  Telegram News :Telegram पर सरकार की बड़ी सख्ती, पायरेटेड फिल्म और OTT कंटेंट तुरंत हटाने का आदेश जारी

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst