Ram Mandir Donation Case : फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है। शनिवार को हुई आम सभा की बैठक में अधिवक्ताओं ने प्रशासन से कथित अनियमितताओं के मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और आरएसएस पदाधिकारी गोपाल राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, तो अधिवक्ता आंदोलन को और व्यापक करने के लिए मजबूर होंगे।
आम सभा की बैठक में उठे गंभीर सवाल
बार एसोसिएशन की आम सभा की बैठक अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए। वकीलों का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय प्रशासन कथित रूप से प्रमुख आरोपियों को बचाने और उन्हें संरक्षण देने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
एसएसपी से मिले अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल
मामले में आगे की कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारी के सामने अपनी शिकायत और मांगें रखीं। अधिवक्ताओं ने कथित आरोपों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। एसोसिएशन का कहना है कि शिकायत के बावजूद अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो जारी रहेगा आंदोलन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित हेराफेरी के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन की ओर से शिकायत दिए जाने के बावजूद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को मुख्य आरोपी बनाए जाने के संबंध में पुलिस ने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। मिश्रा ने कहा कि जब तक पुलिस शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती, अधिवक्ताओं का विरोध जारी रहेगा।
आरोपियों के खिलाफ FIR की मांग
अधिवक्ताओं का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। बार एसोसिएशन ने प्रशासन से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कार्रवाई में देरी होने से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इसी वजह से अधिवक्ताओं ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।
29 जून की बैठक में लिया गया था बड़ा फैसला
इस मामले को लेकर बार एसोसिएशन पहले भी सख्त निर्णय ले चुकी है। संगठन की 29 जून को हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया था कि एसोसिएशन का कोई भी अधिवक्ता मामले में आरोपी बनाए गए लोगों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेगा। संगठन ने इस निर्णय को सभी सदस्यों के लिए लागू करने की बात कही थी। इसके बाद अब शनिवार की आम सभा में भी मामले को लेकर प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनाया गया।
आरोपियों की पैरवी करने पर 5 लाख जुर्माना
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल के अनुसार, राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मामले ने आम लोगों और अधिवक्ताओं की भावनाओं को प्रभावित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन ने अपने सदस्यों के लिए सख्त नियम तय किया है। निर्णय के अनुसार यदि कोई अधिवक्ता संगठन के फैसले का उल्लंघन करते हुए आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
मामले में कानूनी कार्रवाई का इंतजार
फैजाबाद बार एसोसिएशन के ताजा रुख के बाद अब प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। अधिवक्ता लगातार एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई और जांच की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। फिलहाल बार एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि मांग पूरी होने तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर बार एसोसिएशन के लगातार सख्त होते रुख से प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। संगठन एक ओर आरोपों की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उसने अपने सदस्यों के लिए भी कड़े नियम लागू किए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच के बाद आरोपों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।
Read More : ITR Filing 2026: 31 अगस्त तक भरें ITR-3, 4, 5 और 7, जानिए किसके लिए है डेडलाइन