CG Panchayat Grant: हाल ही में 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर आधारित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने विशेष रूप से भाग लिया। इस आयोजन में विभिन्न राज्यों के पंचायत मंत्रियों, वरिष्ठ नीति-निर्माताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंथन किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण और संसाधनों के आवंटन के नए मापदंडों पर व्यापक चर्चा करना था। उपमुख्यमंत्री ने तकनीकी सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

ग्रामीण निकायों की वित्तीय स्वायत्तता और बेहतर सेवा वितरण पर जोर
कार्यशाला का मुख्य केंद्र बिंदु स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता और जवाबदेही को बढ़ाना था। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे पारदर्शिता और प्रदर्शन आधारित अनुदान (परफॉर्मेंस ग्रांट) व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा प्रदायगी को सुधारा जा सकता है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस दौरान पंचायतों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने और विकास कार्यों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि राज्यों को अपने ग्रामीण निकायों को न केवल वित्तीय रूप से सशक्त बनाना होगा, बल्कि उनके कार्यों में पारदर्शिता लाकर धरातल पर बेहतर परिणाम भी प्राप्त करने होंगे।

छत्तीसगढ़ के लिए 11,664 करोड़ रुपए के अनुदान का ऐतिहासिक प्रस्ताव
16वें वित्त आयोग ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ी वित्तीय सौगात का खाका पेश किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की पांच वर्षों की अवधि के लिए छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इस आवंटन में 9,331 करोड़ रुपए ‘बेसिक ग्रांट’ के रूप में और 2,333 करोड़ रुपए ‘परफॉर्मेंस ग्रांट’ के रूप में आवंटित किए गए हैं। अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत तय की गई है, जो राज्य के ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
अनुदान का वर्षवार विवरण और विकास कार्यों की नई रूपरेखा
आयोग द्वारा प्रस्तावित अनुदान का वितरण वर्षवार तरीके से व्यवस्थित किया गया है। वर्ष 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपए की बेसिक ग्रांट मिलेगी। इसके बाद के वर्षों में यह राशि निरंतर बढ़ेगी, जैसे 2027-28 में 1,663 करोड़ बेसिक व 248 करोड़ परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ बेसिक व 624 करोड़ परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ बेसिक व 693 करोड़ परफॉर्मेंस ग्रांट और अंततः 2030-31 में 2,275 करोड़ बेसिक व 768 करोड़ परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त होगी। यह व्यवस्थित वित्तीय प्रवाह ग्राम पंचायतों को आधारभूत संरचनाओं, जैसे सड़कों, स्वच्छता, और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार में सीधे मदद करेगा।
ग्रामीण विकास की गति को मिलेगी नई रफ्तार और दिशा
यह अनुदान छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिदृश्य को पूरी तरह बदलने में सहायक होगा। प्राप्त होने वाली इस भारी-भरकम राशि से पंचायतों के माध्यम से न केवल गांव की तस्वीर बदलेगी, बल्कि रोजगार और जन-सुविधाओं के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अनुदान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत तक विकास का लाभ समय पर पहुंच सके। यह वित्तीय सहायता राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना के विकास और आत्मनिर्भर गांव के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
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