Lahore Gangrape Case: पाकिस्तान की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त भूचाल आया हुआ है। लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना ने देश की अंतरराष्ट्रीय साख पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में एक तरफ जहां पुलिस जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। विपक्षी सांसद फैसल वावदा ने आरोप लगाया है कि सरकार मुख्य आरोपी को संरक्षण दे रही है, जो कि इशाक डार का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला और आरोपी कौन है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना 29 जून को लाहौर में हुई। नीदरलैंड और वेनेजुएला की दो महिलाओं का अपहरण कर पांच लोगों ने उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है। अदालत ने गिरफ्तार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ‘रजा डार’ मुख्य संदिग्ध है, जो उप प्रधानमंत्री इशाक डार का पोता बताया जा रहा है।

क्रिप्टोकरेंसी का कनेक्शन और पाकिस्तान का दौरा
पुलिस की प्रारंभिक जांच और पीड़िताओं के बयानों से पता चला है कि रजा डार की इन महिलाओं से मुलाकात पिछले साल अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में हुई थी। तीनों एक क्रिप्टोकरेंसी व्यवसाय में साझेदार थे। रजा डार ने ही इन महिलाओं को पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया था और उनके लिए बिजनेस वीजा का इंतजाम भी किया था। महिलाएं 29 जून को जब लाहौर पहुंचीं, तो उन्हें यह अंदाजा भी नहीं था कि वे किस बड़ी साजिश का शिकार होने जा रही हैं। यह बिजनेस पार्टनरशिप ही अंततः उनके लिए एक भयावह अनुभव में तब्दील हो गई।
राजनीतिक घमासान: फैसल वावदा ने लगाए गंभीर आरोप
सांसद फैसल वावदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान को एक ‘पारिवारिक कंपनी’ की तरह चलाया जा रहा है। उनका दावा है कि पुलिस ने कार्रवाई तब शुरू की जब संबंधित देशों के दूतावासों ने कड़ा हस्तक्षेप किया। वावदा ने इशाक डार की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा, ”इतने गंभीर अपराध में परिवार के सदस्य का नाम आने के बाद इशाक डार का विदेश मंत्री के पद पर बने रहना देश के लिए शर्मनाक है।” उन्होंने मांग की है कि अगर देश की साख प्यारी है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय छवि पर संकट और भविष्य की चुनौतियां
यह मामला पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक मुसीबत बन चुका है। विदेशी नागरिकों के साथ इस तरह के अपराधों से वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। जहां एक ओर सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इस मुद्दे को सड़क से संसद तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि क्या रजा डार के रसूख के बावजूद उसे कानून की सजा मिल पाएगी, या यह मामला भी रसूखदारों के दबाव में कहीं खो जाएगा।
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