US Italy Relations : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक ऐसी तस्वीर साझा की, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। इस एडिट की गई तस्वीर में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को एक बेहद भावुक और आकर्षक अंदाज में ट्रंप की ओर देखते हुए दिखाया गया है। ट्रंप ने इस पोस्ट के साथ ‘रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है’ (Restraining Order Needed) जैसा आपत्तिजनक कैप्शन लिखा। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन की तैयारियां चल रही हैं, जिससे ट्रंप के इस कृत्य को एक सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है।

इटली ने की तीखी आलोचना, संबंधों की गरिमा पर दिया जोर
ट्रंप के इस सोशल मीडिया हमले के बाद इटली सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने ‘स्काई TG24’ न्यूज़ चैनल से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि राजनेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन दो राष्ट्रों के बीच के संबंध हमेशा बने रहने चाहिए। वहीं, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कूटनीतिक मर्यादा बनाए रखते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि ट्रांसअटलांटिक रिश्ते किसी व्यक्ति की ऐसी छिछली टिप्पणियों से कहीं अधिक मजबूत और महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री मेलोनी ने इस पूरे प्रकरण पर स्वयं व्यक्तिगत रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं देकर परिपक्वता का परिचय दिया है।

G7 शिखर सम्मेलन के बाद से लगातार जारी हैं ट्रंप के हमले
यह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मेलोनी को अपने निशाने पर लिया हो। पिछले महीने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी ट्रंप ने मेलोनी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि मेलोनी ने फोटो खिंचवाने के लिए उनसे ‘मिन्नतें’ की थीं और उन्होंने यह फोटो महज इसलिए खिंचवाई क्योंकि उन्हें मेलोनी पर ‘तरस आ गया था’। इस तरह की बयानबाजी से यह स्पष्ट है कि ट्रंप मेलोनी की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय छवि को लेकर किसी प्रकार की असहजता महसूस कर रहे हैं, जिसका प्रदर्शन वे अक्सर सार्वजनिक मंचों से करते रहते हैं।

लोकप्रियता और राजनीतिक दांव-पेच का मुद्दा
ट्रंप द्वारा लगातार किए जा रहे इन हमलों के पीछे राजनीतिक कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है। ट्रंप ने मेलोनी पर आरोप लगाया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन न करने के बाद, वे अब घरेलू राजनीतिक लाभ के लिए वॉशिंगटन से अपने रिश्ते बेहतर करने का प्रयास कर रही हैं। पलटवार करते हुए ट्रंप ने मेलोनी को यह सलाह तक दे डाली कि उन्हें किसी और के कंधे का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी लोकप्रियता पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि मेलोनी का दोस्त होने से उनकी लोकप्रियता में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है।
नाटो शिखर सम्मेलन और बदलती कूटनीतिक दूरियां
एक समय था जब कट्टर दक्षिणपंथी नेता मेलोनी खुद को एक ऐसे यूरोपीय नेता के रूप में पेश कर रही थीं जो यूरोप और ट्रंप के बीच एक सेतु या मध्यस्थ की भूमिका निभा सकें। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में यह दूरियां काफी बढ़ गई हैं। अंकारा में होने वाली नाटो के 32 देशों की बैठक से पहले ट्रंप ने यूरोपीय देशों की खुलकर आलोचना की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यदि भविष्य में ट्रंप की सत्ता में वापसी होती है, तो अमेरिका और यूरोप के बीच संबंध और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। मेलोनी और ट्रंप के बीच की यह तल्खी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे रही है।












