Noida Fire : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-88 में सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बी ब्लॉक में स्थित एक निजी कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और कंपनी के ग्राउंड फ्लोर तथा फर्स्ट फ्लोर को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धुएं का गुबार दूर-दूर तक फैल गया, जिससे आसपास के इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया। रात का सन्नाटा चीरती हुई दमकल की गाड़ियों के सायरन ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी।

दमकल विभाग की मुस्तैदी और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया। विभाग की ओर से तुरंत 8 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचते ही युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें नियंत्रित करने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मेहनत और सूझबूझ के बाद, दमकल टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आग कंपनी के अन्य हिस्सों या आसपास की इमारतों तक न फैल सके, जिससे एक बड़ा औद्योगिक नुकसान टल गया।

कंपनी बंद होने से टली जान की बाजी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रदीप कुमार ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें रात करीब 11:15 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कंपनी पूरी तरह से बंद थी और अंदर कोई भी कर्मचारी या स्टाफ मौजूद नहीं था। यही कारण है कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। यदि कंपनी चालू होती या कर्मचारी अंदर होते, तो स्थिति काफी भयावह हो सकती थी। ईश्वर की कृपा और समय पर कंपनी के बंद होने से एक बड़ा हादसा टल गया।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
फिलहाल, घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और दमकल विभाग की एक संयुक्त टीम मामले की गहन जांच कर रही है। शुरुआती छानबीन और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद, विशेषज्ञों ने आग लगने का प्राथमिक कारण ‘इलेक्ट्रिकल पैनल’ में शॉर्ट सर्किट को माना है। हालांकि, तकनीकी टीम अभी भी इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि शॉर्ट सर्किट अचानक हुआ या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी लापरवाही थी।
नुकसान का आकलन और आगामी कार्रवाई
आग बुझने के बाद अब कंपनी प्रबंधन और प्रशासन द्वारा कुल हुए आर्थिक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। कंपनी के अंदर रखा कीमती सामान, मशीनरी और जरूरी दस्तावेज पूरी तरह जलकर राख हो गए हैं। प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि क्या कंपनी परिसर में अग्निशमन के पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद थे या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आग लगने के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
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