PM Modi Speach : इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय के साथ हुआ संवाद अत्यंत उत्साहपूर्ण और भावनात्मक रहा। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा विकास के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि दोनों देशों की नियति प्रगति के पथ पर साथ चलना है। उन्होंने कहा, “इंडोनेशिया हो या भारत, हम दोनों ही देश विकास के लिए अधीर हैं। हमारे पास न रुकने का मौका है और न ही थमने का।” पीएम ने वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की निरंतर गति और मजबूती का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत ने कोरोना काल और पश्चिम एशिया के संकट के दौर में भी अपनी विकास यात्रा को बाधित नहीं होने दिया।

‘कुछ कुछ होता है’ से ‘बहुत कुछ होता है’ तक का सफर
पीएम मोदी ने इंडोनेशियाई संस्कृति में भारतीय गीतों और फिल्मों की लोकप्रियता का जिक्र करते हुए एक रोचक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि वहां फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ का गाना बेहद पसंद किया जाता है। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तो यह ‘कुछ कुछ’ से आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होने जैसा है। अपनी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान उन्हें वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों के यश और दोनों देशों के बीच की प्रगाढ़ मित्रता का प्रतीक बताया।

साझा डीएनए और सभ्यताओं का अटूट बंधन
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो द्वारा व्यक्त किए गए ‘इंडिया डीएनए’ वाले विचार का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह साझा डीएनए आपसी विश्वास और साझी विरासतों से निर्मित है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते महज राजनीतिक नहीं, बल्कि सभ्यताओं और सागर से जुड़े हुए हैं। भारत अपनी समुद्री सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए बंदरगाहों और जहाजों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसमें इंडोनेशिया का साथ अत्यंत महत्वपूर्ण है। पीएम ने जोर दिया कि साम्राज्य बने और मिटे, वैश्विक राजनीति का स्वरूप बदला, लेकिन भारत और इंडोनेशिया का अटूट बंधन सदैव अडिग रहा है।

फुटबॉल का जुनून और भारतीय समुदाय का ‘मैन ऑफ द मैच’ संबोधन
इंडोनेशिया में फुटबॉल को लेकर लोगों की दीवानगी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय की ऊर्जा की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब भी वे इंडोनेशिया आए, फुटबॉल वर्ल्ड कप का माहौल होता है। उन्होंने इंडोनेशिया में बसे भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि वहां की भव्यता और जोश को देखकर साफ पता चलता है कि असली ‘मैन ऑफ द मैच’ आप सभी हैं, जो विदेश की धरती पर भारत की गौरवशाली तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय को भव्य भारत का प्रतिनिधि बताया।
रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म: भारत की नई गति
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा के मंत्र को स्पष्ट करते हुए कहा, “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म—इसी मंत्र के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने बताया कि भारत की आज की विकास दर की गति और विस्तार (speed and scale) को एक पंक्ति में परिभाषित करना हो, तो वह है ‘1.4 बिलियन एस्पिरेशंस इन मोशन’। उन्होंने कहा कि भारत में आई यह प्रगति अचानक नहीं, बल्कि निरंतर सुधारों और कठोर परिश्रम का परिणाम है। इस संबोधन ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी नई पहचान और आर्थिक शक्ति के साथ वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति को और अधिक सशक्त कर रहा है।











