Weather Update: देशभर में सक्रिय हुए मानसून ने अपना व्यापक असर दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार सुबह से ही हो रही झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत दी है और मौसम को काफी सुहावना बना दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली में 9 जुलाई के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है और अनुमान है कि कम से कम 11 जुलाई तक बारिश का यह क्रम जारी रहेगा। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। 9 से 14 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। वहीं, 9 से 12 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 10 जुलाई के दौरान अच्छी बारिश होने के आसार हैं, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। उत्तराखंड में 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

मध्य भारत और राजस्थान में आंधी-तूफान का अलर्ट
मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पश्चिमी राजस्थान में 9 जुलाई और पूर्वी राजस्थान में 12 जुलाई तक आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-11 जुलाई के बीच भारी बारिश की प्रबल संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 9 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। इसी तरह, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी 14 जुलाई तक समय-समय पर अच्छी बारिश होने के संकेत दिए गए हैं।
पूर्वी भारत में भी मानसून का जोर, सुरक्षा की अपील
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मानसून का प्रभाव काफी गहरा बना हुआ है। बिहार में 14 जुलाई तक और झारखंड में 12-14 जुलाई के दौरान रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 14 जुलाई तक भारी बारिश का दौर रहेगा, जिसमें 9 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी आशंका है। ओडिशा में भी सप्ताह भर मानसून सक्रिय रहने की उम्मीद है। इन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति और सावधानी के निर्देश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, जोधपुर, चूरू और भटिंडा के ऊपर से होकर गुजर रही है, जो इसके तेजी से आगे बढ़ने का संकेत है। भारी बारिश के चलते जलभराव और आकाशीय बिजली की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, ताकि मानसून की इस सक्रियता के दौरान किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
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