Gold Price Today : आज, 9 जुलाई 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्षों की छाया सीधे तौर पर कमोडिटी मार्केट पर पड़ रही है। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से थोड़ा कम होता दिख रहा है, जिससे कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव आज शुरुआती कारोबार में लगभग 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,43,275 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। गौरतलब है कि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,43,711 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

सर्राफा बाजार और IBJA के आंकड़ों में अंतर का विश्लेषण
विभिन्न संस्थाओं द्वारा जारी आंकड़ों में कीमतों में भिन्नता देखी जा रही है। बुलियन्स मार्केट के अनुसार, आज सोने का भाव 1,43,860 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह तक सोने की कीमत घटकर 1,42,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रही। दूसरी ओर, गुडरिटर्न्स जैसे प्लेटफॉर्म पर 24 कैरेट सोने का रेट 1,44,640 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया है। निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे सोने की खरीदारी से पहले अपने नजदीकी शहर के सर्राफा बाजार का सही रेट अवश्य जांच लें, क्योंकि टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

कैरेट के आधार पर सोने की शुद्धता का चार्ट
सोने की शुद्धता के आधार पर कीमतों का वर्गीकरण नीचे दिया गया है, जो आपको निवेश के निर्णय लेने में मदद करेगा:
शहरों के अनुसार सोने की ताजा कीमतें (प्रति 10 ग्राम)
देश के प्रमुख महानगरों और शहरों में सोने की कीमतों में भौगोलिक स्थिति और स्थानीय मांग के आधार पर हल्का अंतर देखा जाता है। दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, कानपुर और जयपुर जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना ₹1,44,640 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि मुंबई, कोलकाता और बैंगलोर जैसे केंद्रों में यह ₹1,44,490 प्रति 10 ग्राम है। चेन्नई में कीमतों का स्तर थोड़ा अधिक, यानी ₹1,45,420 प्रति 10 ग्राम तक बना हुआ है। खरीदारों को सलाह दी जाती है कि खरीदारी के समय स्थानीय रेट की तुलना अवश्य करें।
बाजार में गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
बीते कुछ दिनों में सोने की कीमतों में आई गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ अंतरिम शांति समझौते को समाप्त करने की घोषणा ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच डर पैदा कर दिया है। इस भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। नतीजतन, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में तेजी देखी गई है, जिसका सीधा असर सोने जैसे सुरक्षित निवेश पर पड़ा है। जानकारों के अनुसार, जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव गिरते हैं, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ता है।
विशेषज्ञों की राय: निवेशकों को बरतनी होगी सावधानी
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, कीमती धातुओं के प्रति कारोबारी धारणा फिलहाल कमजोर है। विदेशी व्यापार में कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने अपना पैसा फिलहाल सोने से हटाकर अन्य सुरक्षित विकल्पों या नकदी में निवेश करना शुरू कर दिया है। मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि ईरान मामले पर अमेरिका का सख्त रुख वैश्विक बाजार में हाजिर सोने पर दबाव बना रहा है। बाजार विश्लेषक मानते हैं कि आने वाले दिनों में अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी रहा, तो सोने की कीमतों में और अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है।
क्या यह सोने में निवेश का सही समय है?
सोने की कीमतों में हो रहा यह उतार-चढ़ाव उन लोगों के लिए अवसर हो सकता है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, वर्तमान में बाजार की स्थिति बहुत ही अनिश्चित है। महंगाई की चिंताओं और वैश्विक युद्ध की संभावनाओं के बीच सोना हमेशा एक ‘हेज’ के रूप में काम करता है। यदि आप आज सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार में और अधिक गिरावट की संभावनाओं को भी ध्यान में रखें। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के विशेषज्ञों की सलाह लें और अपने पोर्टफोलियो को विविधतापूर्ण रखें। आने वाले हफ्तों में अमेरिका और ईरान के संबंधों की दिशा सोने की कीमतों का नया ट्रेंड निर्धारित करेगी।











