IND vs ENG T20 : इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को एकतरफा मुकाबले में 9 विकेट से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ ही इंग्लिश टीम ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है। यह जीत इंग्लैंड के लिए बेहद खास है क्योंकि भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में यह उनकी पहली ऐतिहासिक जीत है। इस परिणाम ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में लंबे समय से भारतीय टीम की जो बादशाहत कायम थी, उसे पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। भारतीय टीम इस पूरी सीरीज में इंग्लिश बल्लेबाजों और गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती हुई नजर आई।

भारतीय पारी: श्रेयस अय्यर के नाबाद अर्धशतक के बावजूद लड़खड़ाया भारत
मैच की शुरुआत भारत के टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने के फैसले से हुई। हालांकि, भारतीय कप्तान का यह निर्णय पिच की परिस्थितियों को भांपने में असफल रहा और टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर बुरी तरह बिखर गया। पूरी भारतीय टीम 20 ओवरों में मात्र 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन ही बना सकी। भारत के लिए श्रेयस अय्यर एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने मोर्चा संभाला और 49 गेंदों में नाबाद 80 रनों की तूफानी पारी खेली। अय्यर की इस पारी में 4 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।

अय्यर के अलावा कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज इंग्लिश गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सका। युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने 15 रन, अभिषेक शर्मा ने 16 रन, ईशान किशन ने महज 4 रन और शिवम दुबे ने 22 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में तिलक वर्मा 11 रन और वाशिंगटन सुंदर 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 2-2 विकेट चटकाए, जिससे भारत का बैटिंग ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
इंग्लैंड की तूफानी बल्लेबाजी: ब्रूक और सॉल्ट ने आसान बनाया लक्ष्य
159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत खराब रही और मात्र 13 रनों के स्कोर पर जोस बटलर (08 रन) के रूप में पहला विकेट गिरा। बटलर को अर्शदीप सिंह ने आउट किया। लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को पूरे मैच के दौरान एक और विकेट के लिए तरसना पड़ा। कप्तान हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं।
हैरी ब्रूक ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 35 गेंदों में 8 चौकों और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 79 रन बनाए। उनका बखूबी साथ देते हुए फिल सॉल्ट ने 42 गेंदों में 9 चौकों और 1 छक्के की सहायता से नाबाद 59 रन जड़े। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 68 गेंदों में 146 रनों की अटूट साझेदारी हुई। इस शानदार साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड ने महज 13.5 ओवर में 1 विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया। भारतीय गेंदबाज इस दौरान पूरी तरह बेबस नजर आए और इंग्लैंड ने इस मुकाबले को एकतरफा बनाते हुए सीरीज पर अपना परचम लहरा दिया। यह हार भारतीय टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के लिए आत्मचिंतन का बड़ा विषय है।
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