BSP Loha Chori Kand: छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुए करोड़ों रुपये के लोहा चोरी कांड ने पूरे उद्योग जगत और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में पुलिस ने सेल (SAIL) के भिलाई स्टील प्लांट के दो उच्चाधिकारियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान एसएमएस-3 (SMS-3) विभाग के महाप्रबंधक (GM) हिमांशु भूषण मलिक और सहायक महाप्रबंधक (AGM) मनोज कुमार देवांगन के रूप में हुई है। अब तक की विस्तृत जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि प्लांट से लगभग 250 टन लोहे की चोरी सीधे तौर पर एसएमएस-3 विभाग के भीतर से ही अंजाम दी गई थी। इस खुलासे के बाद से ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर संदेह गहरा गया था, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की है।

चोरी गैंग से मिलीभगत और कमीशन का काला खेल
जांच में पुलिस को इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारी चोरी के इस संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड संजय सिंह के निरंतर संपर्क में थे। उन पर आरोप है कि वे न केवल इस चोरी की गतिविधियों में शामिल थे, बल्कि इसके बदले उन्हें मोटी रकम बतौर कमीशन भी मिलती थी। पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी मात्रा में लोहे को बाहर निकालना नामुमकिन था। तकनीकी साक्ष्यों और आपसी मिलीभगत की पुष्टि होने के बाद, पुलिस ने दोनों अफसरों को हिरासत में लिया और गुरुवार को अदालत में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

15 गिरफ्तार, फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश
भिलाई स्टील प्लांट लोहा चोरी कांड में अब तक पुलिस ने कुल 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि, मामले के कुछ अन्य मुख्य आरोपी, जिनमें गिरीश, हिमांशु खंडेलवाल, अभय और सलीम शामिल हैं, अभी भी कानून की पकड़ से बाहर हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। संजय सिंह और उसकी गैंग के एक अन्य आरोपी के पूछताछ के दौरान दिए गए मेमोरेंडम बयानों के आधार पर पुलिस को एक और नए आरोपी की जानकारी मिली है, जो संभवतः चोरी का लोहा खरीदने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ है। हालांकि, पुलिस ने इस खरीददार आरोपी के नाम का खुलासा अभी सार्वजनिक नहीं किया है ताकि जांच प्रभावित न हो।
3.22 करोड़ की संपत्ति जब्त, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इस पूरे मामले का खुलासा 26 जून को ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ‘एके ट्रेडर्स’ के गोदाम पर हुई छापामारी के बाद हुआ था। छापेमारी के दौरान वहां से हाईवा, ट्रक और भारी वाहनों में फ्लू डस्ट (Flue Dust) की आड़ में छिपाई गई लोहे की प्लेटें, बीम और अन्य बेशकीमती कटिंग सामग्री बरामद की गई थी। जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड संजय सिंह सुनियोजित तरीके से फ्लू डस्ट के परिवहन के नाम पर बीएसपी से स्क्रैप चोरी करके अपने गोदाम में जमा करता था। पुलिस ने अब तक इस मामले में करीब 3.22 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति, वाहन, जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनरी जब्त की है। यह कार्रवाई भिलाई स्टील प्लांट की सुरक्षा प्रणाली में सेंधमारी को उजागर करती है और पुलिस अभी भी इस नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।











