Spain Wildfire : स्पेन के दक्षिणी प्रांत अल्मेरिया में लगी जंगल की भीषण आग ने शुक्रवार तड़के तक 12 लोगों की जान ले ली है। इस भयावह घटना को स्पेन के इतिहास के सबसे घातक दावानल (जंगल की आग) में से एक माना जा रहा है। लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात अल्मेरिया के जंगलों में भड़की इस आग ने चारों ओर तबाही मचा दी है। घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, कई लोगों के शव उनकी जली हुई गाड़ियों के भीतर बरामद हुए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि ये लोग आग की लपटों से बचने के लिए अपनी गाड़ियों से सुरक्षित निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आग की तेजी ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया।

सैन्य बल और दमकलकर्मियों द्वारा बचाव अभियान जारी
अंदालूसिया क्षेत्र के प्रमुख जुआन मैनुअल मोरेनो के अनुसार, इस आग की चपेट में आने से आठ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अभी भी 23 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए व्यापक बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आग पर काबू पाने के लिए 150 दमकलकर्मियों और स्पेन की सैन्य आपदा इकाई के 220 सैनिकों को युद्ध स्तर पर तैनात किया गया है। अब तक यह भीषण आग 3,200 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र और कृषि भूमि को राख में बदल चुकी है, जिससे स्थानीय पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है।

मृतकों में विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या
क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मरने वालों में ब्रिटेन के चार नागरिकों सहित कई अन्य विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। यह आग सिएरा दे लॉस फिलाब्रेस पर्वतमाला के समीप स्थित एक छोटे से गांव से शुरू हुई थी। हालांकि प्रशासन ने अभी तक आग लगने के आधिकारिक कारणों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन चश्मदीदों का दावा है कि बिजली के तारों से निकली चिंगारी से यह आग भड़की और तेज हवाओं के कारण चंद घंटों में ही बेकाबू होकर जंगल के बड़े हिस्से में फैल गई। स्पेन के प्रधानमंत्री पेट्रो सांचेज़ ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
गलत निर्णय और गर्मी का प्रकोप बना काल
अंदालूसिया की आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख एंटोनियो सान्ज़ ने बताया कि अधिकांश मौतें उन लोगों की हुई हैं जिन्होंने अधिकारियों द्वारा जारी ‘सुरक्षित स्थान पर रहने’ के निर्देशों का पालन नहीं किया। सात लोगों ने अपनी कारें छोड़कर सूखी पड़ी नदी के रास्ते पैदल भागने की कोशिश की, जो उनके लिए एक मौत का जाल साबित हुई। अधिकारियों का मानना है कि भागने की हड़बड़ाहट और सही रास्ता न चुन पाने के कारण उनकी जान गई। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मृतकों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं, जो शायद इलाके से परिचित न होने के कारण सुरक्षित रास्तों का चयन नहीं कर पाए।
जलवायु परिवर्तन और भीषण गर्मी का बढ़ता संकट
यूरोप इस समय भीषण गर्मी की एक और लहर का सामना कर रहा है। स्पेन में हाल के वर्षों में तापमान का 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचना एक आम समस्या बन गई है। तेज गर्म हवाएं, अत्यधिक उच्च तापमान और बारिश की भारी कमी जैसी स्थितियों ने स्पेन के जंगलों को एक ‘टाइम बम’ में तब्दील कर दिया है। छोटी-सी चिंगारी भी अब कुछ ही मिनटों में भयंकर दावानल का रूप ले लेती है। यह घटना जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों और भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्पेन की तैयारियों पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है।
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