Datia By Election : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के अंदर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। भाजपा नेतृत्व के इस फैसले के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और अपना विरोध दर्ज कराया।

दतिया में हजारों की संख्या में भाजपा समर्थक नेशनल हाईवे-44 पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पार्टी के निर्णय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हाईवे पर प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा
भाजपा कार्यकर्ताओं के बड़े प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम खत्म कराने का प्रयास करते रहे। हालांकि, कार्यकर्ता अपने फैसले पर अड़े रहे और नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में आवाज उठाते दिखाई दिए।
दतिया में यह विरोध भाजपा संगठन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी को चुनाव से पहले अंदरूनी असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं की नाराजगी का असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है।
भाजपा संगठन में भी दिखा विरोध का असर
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भाजपा के स्थानीय संगठन में भी नाराजगी सामने आई है। विरोध जताते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
इसके अलावा भाजपा के सभी पार्षदों ने भी इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व के फैसले के खिलाफ खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। स्थानीय स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के इस कदम को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आशुतोष तिवारी को भाजपा ने बनाया उम्मीदवार
दरअसल, दतिया सीट से डॉ. नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। क्षेत्र में उनकी सक्रियता और राजनीतिक पकड़ को देखते हुए उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि उपचुनाव में भी पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाएगी।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भी नरोत्तम मिश्रा भाजपा के प्रत्याशी थे। लेकिन इस बार पार्टी ने उनकी जगह पुराने और समर्पित कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया। भाजपा नेतृत्व ने उन्हें आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में चुनाव लड़ने की बात
टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि वह नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में चुनाव लड़ेंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
हालांकि, जमीनी स्तर पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थक इस बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि टिकट घोषणा के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
बिहार की बांकीपुर सीट पर भी भाजपा को झटका
मध्य प्रदेश के दतिया विवाद के बीच बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से भी भाजपा के लिए एक अलग चुनौती सामने आई। यहां पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने अचानक चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पारिवारिक कारणों की वजह से वह इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतर पाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पार्टी से जुड़े रहेंगे और एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में संगठन के लिए काम करते रहेंगे।
दो राज्यों की घटनाओं से भाजपा की बढ़ी चिंता
एक ही दिन मध्य प्रदेश और बिहार से आई इन राजनीतिक घटनाओं ने भाजपा की चुनावी रणनीति को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दतिया में टिकट को लेकर नाराजगी और बांकीपुर में उम्मीदवार के पीछे हटने से पार्टी को चुनावी तैयारियों में नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ सकती है।अब सभी की नजर इस बात पर है कि भाजपा नेतृत्व दतिया में बढ़ते विरोध को कैसे शांत करता है और उपचुनाव में पार्टी किस तरह अपनी स्थिति मजबूत करती है।
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