Ambikapur News : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज एक महत्वपूर्ण मामले में विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने लगभग आठ वर्ष पुराने नशीले पदार्थ की तस्करी के मामले में आरोपी मोहम्मद हातिम उर्फ हकीम खान को दोषी करार देते हुए उसे 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने दोषी पर 1,00,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यदि आरोपी जुर्माने की राशि जमा करने में असमर्थ रहता है, तो उसे अतिरिक्त छह माह की जेल काटनी होगी। यह फैसला नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ न्यायपालिका की सख्ती को दर्शाता है।

वर्ष 2018 की वह घटना, जिसने किया तस्करी का पर्दाफाश
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि 6 जनवरी 2018 को तैयार हुई थी। तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी को एक गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति एक मोटरसाइकिल और एक ऑटो के जरिए बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं लेकर अंबिकापुर शहर की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने शहर के संजय पार्क के पास घेराबंदी की। पुलिस ने संदिग्धों को रोकने में सफलता प्राप्त की, जिनमें मोमिनपुरा निवासी मोहम्मद हातिम उर्फ हकीम खान (33 वर्ष) और देवीगंज रोड निवासी सुधीर पांडे उर्फ मोहन शामिल थे। तलाशी के दौरान हकीम खान के ऑटो से 75 लीटर नशीला कफ सिरप बरामद किया गया, जबकि सुधीर पांडे के पास से 757 नशीली गोलियां (टैबलेट) मिलीं। पुलिस ने दोनों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

सह-आरोपी फरार, न्यायालय ने जारी किया स्थायी वारंट
मामले की सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सह-आरोपी सुधीर पांडे उर्फ मोहन को जमानत मिल गई। जेल से छूटने के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा है। लंबी अवधि तक अदालत में उपस्थित न होने के कारण उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। कानून की पकड़ से बचने के लिए वह लंबे समय से फरार है, जिसे लेकर पुलिस सक्रिय है। हालांकि, मुख्य आरोपी मोहम्मद हातिम उर्फ हकीम खान के खिलाफ मामला अदालत में चलता रहा। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायाधीश ने हकीम खान को अपराध का दोषी माना।
न्यायपालिका का संदेश: नशीले कारोबारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अदालत द्वारा दी गई यह सजा न केवल आरोपी के लिए एक दंड है, बल्कि समाज में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त अन्य लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। एनडीपीएस एक्ट के तहत 15 वर्ष की यह सजा नशीली दवाओं की गंभीर श्रेणी के अपराधों में कानून की कठोरता को प्रदर्शित करती है। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को अदालत के समक्ष प्रमुखता से रखा था। इस फैसले के बाद क्षेत्र में नशीले पदार्थों के तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अब फरार आरोपी सुधीर पांडे की तलाश में जुटी है ताकि उसे भी कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जा सके।
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