Ram Mandir News : अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की चोरी को लेकर सार्वजनिक हुई एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस रिपोर्ट की हर एक पंक्ति में छिपे तथ्यों को पढ़कर यह स्पष्ट होता है कि मंदिर में हुई यह चोरी कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह से एक सोची-समझी और नियोजित साजिश थी। जांच में यह पाया गया है कि आरोपितों ने इसे केवल एक बार नहीं, बल्कि अलग-अलग तिथियों पर बार-बार अंजाम दिया। चोरी करना इन आरोपितों की एक आदत और प्रवृत्ति बन चुकी थी, जिसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। अब एसआईटी अपनी जांच को और गहरा करने के लिए घटना के 45 दिन पहले की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का बैकअप निकालने की कोशिश कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचा जा सके।

मंदिर में आरोपितों का बेखौफ दबदबा
जांच रिपोर्ट से यह पता चलता है कि मंदिर के भीतर इन आरोपितों का सिक्का चलता था। वे कितने बेखौफ थे, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे समूह में बैठकर बिना किसी डर के दान की राशि की गणना करते थे। उनके लिए मंदिर परिसर के भीतर और बाहर आना-जाना बेहद सामान्य था। जांच में सामने आया है कि एक कर्मचारी अक्सर सुरक्षा कैमरों की दृष्टि से बचने के लिए ओट लेता था, जबकि दूसरा कर्मचारी उसी दौरान नोटों की गड्डियों से अपनी जेबें भर लेता था। यह स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित तालमेल को दर्शाता है, जहाँ आरोपितों ने अपनी सुविधा के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को धता बता रखा था।

जूतों और कपड़ों में छिपाते थे नोट
राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा जांचकर्ताओं को सौंपी गई सीसीटीवी फुटेज इस पूरे अपराध का काला चिट्ठा खोल रही है। 27 अप्रैल से 5 मई 2026 के बीच रिकॉर्ड हुए फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपित किस बेशर्मी के साथ नोटों की गड्डियों और खुले नोटों को अपने वस्त्रों के भीतर छिपा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब आरोपितों को इन पैसों को अपने जूतों के अंदर छिपाते हुए भी कैमरे में कैद किया गया। यह देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए कि कैसे पवित्र स्थल की मर्यादा को तार-तार करते हुए लोग इतने गिर सकते हैं।
सुरक्षा खामियों का उठाया गया अनुचित लाभ
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपितों की मंदिर की नकदी तक सीधे और प्रत्यक्ष पहुंच थी। वे नोटों की गड्डियों के बिल्कुल निकट बैठते थे और इस दौरान मोबाइल फोन व अन्य निजी वस्तुएं भी उनके पास होती थीं। सबसे गंभीर बात यह है कि न तो प्रवेश के समय और न ही बाहर निकलते समय किसी भी स्तर पर उनकी तलाशी ली जाती थी। इसी बड़ी सुरक्षा चूक और लापरवाही का फायदा उठाकर वे लगातार चढ़ावे की धनराशि पर हाथ साफ करते रहे। इस मामले में अब तक अनुकल्प मिश्रा, अविनाश, रमाशंकर मिश्रा, लवकुश और रमाशंकर टिन्नू समेत कुल आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
Read More : Weather Alert Today: 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश का खतरा, IMD ने जारी की बड़ी चेतावनी












