Vietnam Boat Accident : वियतनाम के खूबसूरत पर्यटन स्थल फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को एक भीषण समुद्री हादसा हुआ, जिसमें 15 भारतीय पर्यटकों की दुखद मौत हो गई। ‘वीएन एक्सप्रेस इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक पर्यटन नाव ‘होन मे रूट’ से ‘एन थोई पोर्ट’ की ओर जा रही थी। तभी तट से लगभग 400 मीटर की दूरी पर यह नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव पर कुल 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। नाव पलटते ही उसमें सवार सभी लोग समुद्र के गहरे पानी में जा गिरे। इस हृदयविदारक घटना से न केवल वियतनाम में बल्कि भारत में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रशासनिक बचाव कार्य और भारतीय दूतावास की पहल
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत व बचाव दल तत्काल सक्रिय हो गए। भारतीय दूतावास ने भी इस घटना पर तुरंत संज्ञान लिया। दूतावास ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि वे वियतनामी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। दूतावास के अधिकारी पूरी घटना पर बारीक नजर रखे हुए हैं और हताहतों व घायलों के बारे में सटीक जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। भारतीय मिशन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और घायलों के समुचित उपचार के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्त किया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख और संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “वियतनाम के फू क्वोक के पास नाव पलटने की खबर से मन अत्यंत व्यथित है। जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति दे। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास वियतनाम में फंसे भारतीयों की मदद के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
नाव पर सवार 32 भारतीय पर्यटकों की सूची
दुर्घटनाग्रस्त नाव में सवार भारतीय पर्यटकों की पहचान कर ली गई है। इनमें बालासुब्रमणि पलानीसामी, सेल्वम पिचैयाह, सेंथिल कुमार जयवेल, शिवकुमार मुथुकुमारसामी, निर्मल कुमार सेथुरामन, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, रुबन सेल्वा नाथन जैकब येसुपथम, श्रीधर धर्मराजन, विग्नेश्वर राधाकृष्णन गोपाल, रामासुब्बु अन्नावी, अबुथालखा जाहिरुद्दीन, श्रीधर सुंदरराजन, वामशीधर सेल्लूर रामराज, सेनजादैवेल कुप्पुसामी, नागलामडुगु सोहन, नल्लापेटा आदिशेषैया रवितेजा, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, राजीव कलैवानन, बालाजी नटशन, विनया कुमार चिथापुरम भास्करा, रविशंकर सुगुमरन, विपुल उत्तम चंद, संतोष कुमार शांतिलाल जैन, बाबू कुप्पुस्वामी, अलागुराजन शिवासामी, वसंथा कुमार आनंदन, श्रीधर मुदियम, जया लक्ष्मी गेल्ली, किशोर गेल्ली, एविकोट चेरियन थॉमस, लोवेनी थॉमस और रमेश कुमार पचियप्पन शामिल हैं।
पर्यटन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
यह त्रासदी पर्यटकों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। विदेश में यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। वियतनाम जैसे देशों में समुद्री पर्यटन के दौरान लाइफ जैकेट का उपयोग और नाव की क्षमता की जांच करना अनिवार्य होता है। भारतीय दूतावास समय-समय पर पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी करता है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके। वर्तमान में प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार और मृतकों के शवों को उनके स्वदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी करना है। इस पूरे घटनाक्रम ने पर्यटन सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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