Jos Buttler Century : भारत और इंग्लैंड के बीच साउथैम्पटन के रोज बाउल स्टेडियम में खेले जा रहे पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में इंग्लिश विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर ने बल्ले से कोहराम मचा दिया। बटलर ने भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 51 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। अपनी इस आक्रामक पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। बटलर का यह टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का नौवां शतक था और इंग्लैंड की धरती पर इस फॉर्मेट में उनका पहला शतक है। बटलर ने 64 गेंदों में 12 चौकों और 8 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 131 रनों की शानदार पारी खेली। उनके साथ हैरी ब्रूक ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की, जिससे इंग्लैंड एक विशाल स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा।

एमएस धोनी और एविन लुईस के रिकॉर्ड हुए ध्वस्त
इस मैच में जोस बटलर ने न केवल बेहतरीन शतक जड़ा, बल्कि कई बड़े कीर्तिमान भी अपने नाम किए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में बटलर ने पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया है। धोनी के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेटकीपर के रूप में 359 छक्के दर्ज थे, जबकि बटलर अब 367 छक्कों के साथ इस सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड भी बटलर के नाम हो गया है। उन्होंने वेस्टइंडीज के एविन लुईस के नौ साल पुराने 125 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 131 रनों की अविस्मरणीय पारी खेली।

बटलर-ब्रूक की जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों को किया बेदम
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। शुरुआती ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने फिल साल्ट को आउट कर टीम इंडिया को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन इसके बाद खेल पूरी तरह इंग्लैंड के पाले में चला गया। नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने आए हैरी ब्रूक और जोस बटलर ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की कमर तोड़ दी। दोनों ने मिलकर 233 रनों की रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी निभाई। भारतीय गेंदबाजों के पास बटलर के आक्रामक रुख का कोई जवाब नहीं था। बटलर 19वें ओवर में शिवम दुबे का शिकार बने, लेकिन तब तक वे इंग्लैंड को बहुत मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।
टीम इंडिया में बड़े बदलाव: प्लेइंग XI से बाहर हुए वैभव
इस निर्णायक मैच के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो महत्वपूर्ण फेरबदल किए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने वैभव सूर्यवंशी और वॉशिंगटन सुंदर को बाहर बैठाकर उनकी जगह संजू सैमसन और सूर्यांश शेडगे को मौका दिया। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस सीरीज में तीन मैचों में खेलने का मौका मिला था, लेकिन वे अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे, जिसके चलते उन्हें अंतिम मैच से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। वहीं, वॉशिंगटन सुंदर भी पूरी सीरीज में अपने प्रदर्शन से निराश किया। पांच मैचों की इस सीरीज में टीम इंडिया पहले ही 3-0 से पीछे चल रही है और यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए सम्मान बचाने की बड़ी चुनौती है।











