Vietnam Boat Accident : वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के निकट शनिवार को हुई नाव दुर्घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस दुखद हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की असामयिक मृत्यु ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से तत्काल प्रभाव से सक्रिय होने का आग्रह किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। उन्होंने इस कठिन समय में परिवारों के साथ एकजुटता दिखाते हुए लापता पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है।
राहुल गांधी का विदेश मंत्रालय से हरसंभव सहायता का आग्रह
राहुल गांधी ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से पुरजोर मांग की है कि वे वियतनामी अधिकारियों के साथ त्वरित और निरंतर समन्वय सुनिश्चित करें। उनका मानना है कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो परिवार इस समय असहनीय पीड़ा और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं, सरकार को उन्हें हर प्रकार का सहयोग और सहायता तुरंत उपलब्ध करानी चाहिए। कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि इस आपदा में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिजनों को समय पर सटीक जानकारी देना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पवन खेड़ा का बयान: लापता पर्यटकों के परिजनों के साथ है कांग्रेस
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर चिंता जताते हुए कहा कि भारतीय दूतावास ने नाव पर सवार सभी 32 पर्यटकों की सूची जारी कर दी है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी उन लापता पर्यटकों के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ी है, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। खेड़ा ने उम्मीद जताई कि विदेश मंत्रालय पीड़ित परिवारों को हर संभव राहत पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। कांग्रेस की ओर से लगातार यह मांग की जा रही है कि रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकी से निगरानी की जाए और प्रभावित परिवारों को दूतावास के माध्यम से हर प्रकार की कूटनीतिक और मानवीय सहायता मुहैया कराई जाए।
हादसे का विवरण: 400 मीटर की दूरी पर पलटी स्पीडबोट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा फू क्वोक द्वीप के ‘होन मे रुट’ से ‘एन थोई पोर्ट’ की ओर जाने के दौरान हुआ। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 सदस्य सवार थे। तट से महज 400 मीटर की दूरी पर अचानक नाव के पलटने से सभी यात्री समुद्र में गिर गए। स्थानीय मीडिया ‘वीएन एक्सप्रेस इंटरनेशनल’ के अनुसार, रेस्क्यू टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला, लेकिन तब तक 15 लोगों की जान जा चुकी थी। इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय जल सीमाओं में पर्यटन की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें बचाव कार्यों और लापता लोगों की तलाश की ताजा अपडेट पर टिकी हैं।
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