Ram Mandir Donation Case: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि की गिनती में सामने आई अनियमितताओं के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय ‘अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक’ के दौरान इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इस घटना को करोड़ों रामभक्तों की आस्था के लिए दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपेक्षा है कि भविष्य में ऐसी किसी भी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एक अत्यंत पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था लागू की जाएगी।

जांच प्रक्रिया और दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद
सुनील आंबेकर ने स्पष्ट किया कि ‘तीर्थ क्षेत्र न्यास’ के अनुरोध पर मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) और पुलिस अपना काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। संघ ने जांच एजेंसियों पर अपना भरोसा जताते हुए कहा है कि इस मामले की तह तक जाकर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। उल्लेखनीय है कि दान पेटियों की गिनती में कथित धांधली और गबन के आरोपों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। संघ का स्पष्ट मानना है कि इस पवित्र कार्य में संलिप्त दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

संघ शिक्षा वर्गों और शाखा विस्तार की समीक्षा
बैठक के दौरान संघ की संगठनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। मार्च 2026 के बाद संपन्न हुए 83 संघ शिक्षा वर्गों और 12 कार्यकर्ता विकास वर्गों का व्यापक मूल्यांकन किया गया, जिसमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य शाखा संचालन, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों में कार्यकर्ताओं को दक्ष बनाना था। इसके साथ ही, आगामी सितंबर माह में ‘शाखा विस्तार अभियान’ को और अधिक व्यापक बनाने की रणनीतिक रूपरेखा तैयार की गई, ताकि संगठन की पहुंच को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सके।
शताब्दी वर्ष और सामाजिक सक्रियता पर जोर
संघ अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को लेकर बेहद सक्रिय है। बैठक में अब तक आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आगामी योजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। निर्णय लिया गया कि शताब्दी समारोह के दौरान संपर्क में आए लोगों को ‘पंच परिवर्तन’ अभियान और विभिन्न सामाजिक कार्यों से जोड़कर एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के देशव्यापी प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान की जा सके।
जनगणना, जनसांख्यिकी और नशा मुक्ति पर मंथन
राष्ट्रीय परिदृश्य के गंभीर विषयों पर भी संघ ने बैठक में अपना रुख स्पष्ट किया। आगामी जनगणना और देश में जनसांख्यिकीय असंतुलन से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रभाव को रोकने के लिए एक व्यापक नशा मुक्ति अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया गया। संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि संघ एक ओर अपने विस्तार और शताब्दी वर्ष पर केंद्रित है, तो दूसरी ओर देश की सामाजिक-सांस्कृतिक चिंताओं के प्रति भी पूरी तरह सतर्क है।
Read More : Manipur Violence: खेत में काम कर रहे किसान की गोली मारकर हत्या, इलाके में बढ़ा तनाव











