Junior Engineer Death : भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के यूनिवर्सल रेल मिल (URM) विभाग में काम के दौरान एक बेहद दुखद और गंभीर हादसा सामने आया है, जहाँ एक जूनियर इंजीनियर की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक इंजीनियर विनोद कुमार, जो मूल रूप से हरियाणा के निवासी थे, अपनी दूसरी पाली की ड्यूटी के दौरान यूआरएम विभाग में क्रेन पर चढ़कर मेंटेनेंस का काम कर रहे थे। इसी दौरान वे अचानक हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि वे बुरी तरह झुलस गए। मौके पर मौजूद साथी कर्मचारी तुरंत उन्हें गंभीर अवस्था में सेक्टर-9 स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे प्लांट परिसर में शोक की लहर दौड़ा दी है।

प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
विनोद कुमार की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में कर्मचारी और विभिन्न यूनियन के पदाधिकारी जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन हुआ और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। यूनियन नेताओं का आरोप है कि बीएसपी में दुर्घटनाएं एक रूटीन बन गई हैं। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्लांट में लगातार हादसे हो रहे हैं, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाते हैं। यूनियन के अनुसार, मैनपावर में की जा रही कटौती और छंटनी के कारण मौजूदा कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों पर काम का भारी दबाव बढ़ गया है। इस अतिरिक्त कार्यभार के कारण थकान और एकाग्रता में कमी आ रही है, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

परिजनों के लिए मुआवजे और स्थायी नौकरी की मांग
यूनियन नेता उज्जवल दत्ता ने स्पष्ट किया कि वे इस घटना पर चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने के साथ ही परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की पुरजोर मांग की है। चूंकि मृतक हरियाणा का मूल निवासी था, इसलिए यूनियन ने मांग रखी है कि प्रबंधन सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए परिवार को हरियाणा या उसके आसपास की किसी सेल (SAIL) यूनिट में नौकरी प्रदान करे। नेताओं का कहना है कि प्रबंधन को सिर्फ औपचारिक जांच के बजाय सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे अमूल्य जीवन को खोने से बचाया जा सके।
प्रबंधन का पक्ष: जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम पर बीएसपी प्रबंधन की ओर से एचआर विभाग के संजय द्विवेदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि मामले की उच्च-स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। मुआवजे और नौकरी के संबंध में प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि कंपनी के मौजूदा नियमों के अनुसार मृतक के परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी और एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि प्लांट में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस जांच में क्या परिणाम सामने आते हैं और क्या प्रबंधन कर्मचारी सुरक्षा को लेकर वास्तव में कोई कड़े कदम उठाता है।
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