Kolkata Airport Mosque : कोलकाता एयरपोर्ट के परिचालन क्षेत्र के भीतर स्थित 136 साल पुरानी ऐतिहासिक बैंकरा मस्जिद (गौरीपुर जामा मस्जिद) में श्रद्धालुओं का प्रवेश अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने रविवार, 12 जुलाई को यह घोषणा की कि अब केवल किसी भी प्रकार के पहचान पत्र के आधार पर प्रवेश की अनुमति देना सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। इस निर्णय के बाद मुस्लिम समुदाय में गहरा असंतोष है। शुरुआती तौर पर अधिकारियों ने शनिवार को यह तर्क दिया था कि बारिश के कारण मस्जिद तक जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और मरम्मत कार्य के लिए इसे दो दिनों तक बंद रखा जाएगा। हालांकि, रविवार को स्थिति पूरी तरह बदल गई और मरम्मत कार्य पूरा होने के बावजूद सुरक्षा का हवाला देकर प्रवेश पर रोक जारी रखने का फैसला लिया गया।

BCAS की आपत्तियों के बाद CISF ने प्रवेश किया पूरी तरह बंद
कोलकाता एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मरम्मत का काम तो संपन्न हो चुका है, लेकिन ‘ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी’ (BCAS) द्वारा सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंताओं के कारण मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। गौरतलब है कि शुक्रवार तक एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ (CISF) के जवानों को पहचान पत्र दिखाने के बाद हर रोज करीब 70 नमाजियों को प्रवेश की अनुमति मिल रही थी। रविवार को जब श्रद्धालु गेट नंबर-8 पर पहुंचे, तो सुरक्षाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से गेट दोबारा खोलने का कोई नया निर्देश नहीं मिला है। बीसीएएस ने एयरपोर्ट अधिकारियों को पत्र लिखकर महज एक सामान्य पहचान पत्र के आधार पर एयरपोर्ट के संवेदनशील क्षेत्र में प्रवेश देने की प्रथा पर कड़ा ऐतराज जताया था।

मुस्लिम समुदाय की नाराजगी और जवाबदेही की मांग
प्रशासन के इस अचानक लिए गए फैसले से स्थानीय मुस्लिम समुदाय में भारी नाराजगी है। नमाजी अबुल कलाम ने सवाल उठाया कि पहले भी रनवे की मरम्मत के दौरान नमाज जारी रहती थी, तो इस बार इसे क्यों रोका गया? उन्होंने अधिकारियों पर स्थिति को स्पष्ट न करने का आरोप लगाया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने एयरपोर्ट निदेशक को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रशासन स्पष्ट करे कि नमाजियों को दोबारा कब प्रवेश मिलेगा। फिलहाल एयरपोर्ट अधिकारी इस असमंजस में हैं कि क्या भविष्य में कोई नया पास सिस्टम लागू किया जाएगा या फिर मस्जिद में आम जनता का प्रवेश स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी: विस्तार योजना और विस्थापन की चर्चा
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने दावा किया कि यह मस्जिद एयरपोर्ट के सेकेंडरी रनवे के नियोजित विस्तार कार्य में एक बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद समिति को बार-बार वैकल्पिक स्थान पर जाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन वे वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति का अंत बताया। मजूमदार ने कहा कि वर्तमान सरकार किसी के दबाव में काम नहीं करती है और मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करना कोई बड़ी बात नहीं है। यह घटना अब एक बड़े विवाद का रूप लेती जा रही है, जहां एक ओर धार्मिक भावनाएं हैं, तो दूसरी ओर एयरपोर्ट की सुरक्षा और विकास कार्य प्राथमिकता पर हैं।











