West Bengal Kanwar Yatra : पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक तस्वीर बदलती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सावन के पवित्र महीने को लेकर एक ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सावन के हर सोमवार को कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की जाएगी। राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार धार्मिक आयोजनों को केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि राज्य की गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा मानती है।

कांवड़ यात्रा मार्ग पर मिलेंगे विशेष सेवा केंद्र
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। शेउड़ाफुली से तारकेश्वर धाम तक जाने वाले कांवड़ यात्रा मार्ग पर अब हर पांच किलोमीटर की दूरी पर विशेष सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं के लिए पीने का शुद्ध पानी, ओआरएस (ORS), प्राथमिक उपचार और विश्राम की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी इसी तरह की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी ताकि कांवड़ लेकर चलने वाले भक्तों को लंबी दूरी की यात्रा में कोई असुविधा न हो।

प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास पर विशेष जोर
सरकार ने राज्य के तीन प्रमुख तीर्थ स्थलों—हुगली का तारकेश्वर धाम, जलपाईगुड़ी का जलपेश मंदिर और जयंती क्षेत्र के मंदिरों को विशेष विकास योजना के तहत चिन्हित किया है। अकेले तारकेश्वर धाम के कायाकल्प और वहां श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने हेतु लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन स्थानों पर पुलिस सहायता शिविरों के साथ-साथ अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र भी बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में भक्तों को तत्काल मदद मिल सके।
रथ यात्रा समितियों को मिलेगा सरकारी अनुदान
इस वर्ष रथ यात्रा के भव्य आयोजन के लिए सरकार ने उदारता दिखाते हुए राज्य की 60 प्रमुख समितियों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, राज्यभर में आयोजित होने वाले 75 पारंपरिक रथ यात्रा मेलों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष सेवा केंद्रों का जाल बिछाया जाएगा। यह पहल न केवल धार्मिक उत्सवों को भव्यता प्रदान करेगी, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूती से संरक्षित करेगी।
‘विकास भी, विरासत भी’ की अनूठी पहल
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन से प्रेरित है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें सिर्फ सुरक्षा तक सीमित रहती थीं, जबकि वर्तमान सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित कर रही है। सरकार एक ‘तीर्थ सर्किट’ विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जिसमें ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा। साथ ही, स्वामी विवेकानंद की जन्मस्थली के संरक्षण के लिए 5 करोड़ रुपये का स्थायी कोष भी आवंटित किया गया है, जो राज्य की आध्यात्मिक विरासत को संजोने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
Read More : US Iran Conflict : ईरान पर अमेरिका का तीसरी रात भी हमला, ड्रोन-मिसाइल ठिकाने तबाह, ट्रंप की न्यूक्लियर धमकी












