Pakistan Protest : पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चल रहा जनांदोलन अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। क्षेत्र के रावलकोट में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुकी है और वहां गृह युद्ध जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। रावलकोट के मटियालमीरा बस टर्मिनल पर पिछले कई दिनों से स्थानीय नागरिक अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे। लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए इन निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस नई और हिंसक सैन्य कार्रवाई के कारण पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है और स्थानीय लोगों में भारी रोष है।

उभरते क्रिकेटर की शहादत से भड़का जनआक्रोश
सुरक्षा बलों द्वारा की गई इस सीधी और अमानवीय गोलीबारी में मटियालमीरा के एक बेहद होनहार और उभरते हुए युवा क्रिकेटर वाजिद हयात (Wajid Hayat) की गोली लगने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा, इस हिंसक कार्रवाई में दर्जनों अन्य प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस दुखद शहादत की खबर फैलते ही पूरे पीओजेके में पाकिस्तान विरोधी गुस्सा अपने सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सुरक्षा बलों की इस बर्बरता ने जलती आग में घी डालने का काम किया है, जिससे जनता का सब्र पूरी तरह टूट चुका है।

बातचीत विफल होने के बाद सड़कों पर उतरा जनसैलाब
पीओजेके में यह अभूतपूर्व नागरिक अशांति सोमवार, 13 जुलाई को उस समय और अधिक उग्र हो गई, जब कठपुतली सरकार और आंदोलनकारी नेताओं के बीच चल रही उच्च स्तरीय बातचीत पूरी तरह से टूट गई। वार्ता के विफल होते ही पूरे क्षेत्र में जनविद्रोह की लहर दौड़ गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मीडिया पर कड़ा सेंसरशिप लगाने के बावजूद, सोशल मीडिया पर आ रहे वीडियो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी तादाद में महिलाएं और मासूम बच्चे भी हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। ये लोग अपने बुनियादी अधिकारों, बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी और आटे की भारी किल्लत के खिलाफ आर्थिक राहत की मांग कर रहे हैं।
अवामी एक्शन कमेटी का 15 जुलाई को मुजफ्फरबाद कूच का एलान
क्रिकेटर वाजिद हयात की मौत और पाकिस्तानी सेना के दमन चक्र के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रही ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) ने अब इस्लामाबाद और स्थानीय हुकूमत के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। कमेटी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे इस दमनकारी नीति के आगे बिल्कुल नहीं झुकेंगे।
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राजधानी कूच की बड़ी तैयारी: जेएएसी ने आधिकारिक घोषणा की है कि बुधवार, 15 जुलाई को पूरे PoJK से हजारों की संख्या में लोग राजधानी मुजफ्फरबाद की तरफ एक ऐतिहासिक ‘लॉन्ग मार्च’ निकालेंगे।
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प्रमुख राजमार्गों को ठप करने की चेतावनी: नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वे सभी प्रमुख राजमार्गों को पूरी तरह ब्लॉक कर देंगे, जिससे मुजफ्फरबाद शहर और सरकारी मशीनरी ठप हो जाएगी।
बदहाली और शोषण के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा
आर्थिक विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की खुद की बदहाल और डूबती अर्थव्यवस्था का सबसे क्रूर असर पीओजेके के नागरिकों पर पड़ रहा है। इस क्षेत्र में टैक्स और महंगाई की दरें आसमान छू रही हैं, जबकि यहां के जल और प्राकृतिक संसाधनों का सारा मुनाफा सिर्फ पाकिस्तानी सेना और हुक्मरान उठा रहे हैं। दशकों से चले आ रहे इस आर्थिक शोषण और भेदभाव के कारण ही आज जनता का यह गुस्सा फूट पड़ा है। आगामी 15 जुलाई को होने वाले इस विशाल लॉन्ग मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा बड़े पैमाने पर कर्फ्यू लगाने और इंटरनेट सेवाएं बंद करने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में यह संघर्ष और अधिक खूनी हो सकता है।
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