Maharashtra TET : महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र लीक होने और उसके बाद परीक्षा के रद्द किए जाने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। परीक्षा रद्द हुए दो सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक किसी भी नई तारीख की घोषणा नहीं की गई है। इस गंभीर प्रशासनिक विफलता और छात्रों की अनिश्चितता को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को युवाओं के साथ अन्याय करार दिया है।

राहुल गांधी का मुख्यमंत्री पर हमला: व्यवस्था की गलती, छात्रों को सजा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होना पूरी तरह से प्रशासनिक और सिस्टम की विफलता है, लेकिन इसकी भारी कीमत ईमानदारी से मेहनत करने वाले लाखों छात्र भुगत रहे हैं। राहुल गांधी ने लिखा कि जिन्होंने साल दर साल तैयारी की, परीक्षा शुल्क भरे और दूर-दराज के केंद्रों तक यात्रा की, वे आज बिना किसी जवाब या नई तारीख के केवल इंतजार करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे तंत्र में ‘लीक माफिया’ तो आजाद घूम रहे हैं, लेकिन सजा मेहनती छात्रों को मिल रही है।

मुख्यमंत्री के समक्ष राहुल गांधी की तीन मुख्य मांगें
छात्रों के हक की लड़ाई लड़ते हुए राहुल गांधी ने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री के समक्ष तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि इन पर तत्काल अमल किया जाना चाहिए:
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समय-सीमा: TET की अगली परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा तत्काल की जाए, ताकि छात्रों का भ्रम दूर हो सके।
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जवाबदेही: पेपर लीक करने वाले दोषियों और इसमें शामिल तंत्र के जिम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, न कि इसका बोझ अभ्यर्थियों पर डाला जाए।
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भविष्य की रक्षा: चूंकि इस पेपर लीक के कारण छात्रों का एक बहुमूल्य साल बर्बाद हुआ है, इसलिए प्रभावित अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षाओं के लिए आयु सीमा (age limit) में विशेष छूट दी जानी चाहिए।
‘शिक्षा क्रांति’ का आह्वान: 17 जुलाई को देहरादून में करेंगे संवाद
राहुल गांधी ने केवल सरकार को घेरा ही नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षकों के साथ सीधे संवाद की पहल भी की है। उन्होंने घोषणा की है कि आगामी 17 जुलाई को देहरादून में वे पेपर लीक के बढ़ते संकट और युवाओं की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। राहुल ने देश में एक ऐसी ‘शिक्षा क्रांति’ और व्यवस्था बनाने का आह्वान किया है, जहाँ युवाओं को सिस्टम की नाकामी नहीं, बल्कि उनकी मेहनत का उचित फल मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि उन भविष्य के शिक्षकों का है जिनके हाथों में भारत का भविष्य सुरक्षित है।
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