US Iran Conflict : पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज रात एक अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान के खिलाफ बड़े हमले का दावा किया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि महज चार महीने पहले तक जो ईरान मिडिल ईस्ट की सबसे ताकतवर सेना के रूप में जाना जाता था, वह अब पूरी तरह से बैकफुट पर है। ट्रंप ने कहा, “ईरान के पास मौजूद 159 जहाज अब पानी में समा चुके हैं, उनके 230 हवाई जहाज जिनमें घातक अटैक प्लेन भी शामिल थे, अब इतिहास बन चुके हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान का रडार सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम और पूरा नेतृत्व तंत्र अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका अब ईरान के पूरे इलाके पर अपना नियंत्रण स्थापित करेगा।

होर्मुज पर छिड़ा है अमेरिका और ईरान के बीच महासंग्राम
होर्मुज जलडमरूमध्य वर्तमान में दुनिया का सबसे संवेदनशील और विवादित क्षेत्र बन गया है। अमेरिका ने स्वयं को ‘गार्जियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट’ (होर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक) घोषित करते हुए इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर 20% सुरक्षा शुल्क (टोल) वसूलने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने और ईरानी जहाजों पर कड़ी पाबंदियां लगाने की बात कही है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि वह होर्मुज पर अपना नियंत्रण किसी भी हाल में नहीं छोड़ेगा। ईरान का दावा है कि वह इस क्षेत्र का वास्तविक रक्षक है और उसे अमेरिकी हस्तक्षेप कतई मंजूर नहीं है। तेहरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं।

नेतन्याहू की चेतावनी: ईरान पर निर्णायक हमले के लिए तैयार इज़राइल
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने इज़राइल की ओर कोई भी नया हमला किया, तो उसका परिणाम बेहद विनाशकारी होगा। एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “ईरान के नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि अब वह दौर समाप्त हो चुका है जब हम पर हमला हो और हम चुप रहें। यदि आप हमला करते हैं, तो निर्णायक जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।” इज़रायली प्रधानमंत्री का यह बयान क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को और अधिक गंभीर और व्यापक बनाता हुआ प्रतीत हो रहा है।
भविष्य की चुनौतियां और वैश्विक चिंताएं
एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के बादल मंडरा रहे हैं, तो दूसरी ओर इज़राइल की आक्रामक मुद्रा ने पश्चिम एशिया के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। ट्रंप के ‘ईरान को तबाह करने’ के दावे और ईरान की ‘नियंत्रण न छोड़ने’ की जिद ने पूरे विश्व की ऊर्जा सुरक्षा और शांति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला तेल व्यापार वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और यदि यहां कोई बड़ा सैन्य टकराव होता है, तो इसके परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक घातक हो सकते हैं। दुनिया भर की निगाहें अब इन तीनों शक्तियों के बीच चल रहे इस उच्च-स्तरीय तनाव पर टिकी हुई हैं।
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