DGMA Hormuz Strait : पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव और समुद्री युद्धाभ्यास के खतरों को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। नौवहन महानिदेशालय (DGMA) ने सभी शिपिंग कंपनियों, जहाज मालिकों और भर्ती एजेंसियों को तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किए हैं कि वे ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और तेल टैंकरों पर भारतीय नाविकों की तैनाती पर अगले आदेश तक रोक लगा दें। यह निर्णय हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद लिया गया है, जिसमें भारतीय नाविकों को जान-माल का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। सरकार का यह कदम समुद्री सुरक्षा के प्रति उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता को दर्शाता है।

दो जहाजों पर हुए घातक हमले और भारतीय नाविकों का नुकसान
भारत सरकार द्वारा यह कड़ा निर्देश ‘एमटी अल बहिया’ (MT Al Bahiyah) और ‘एमटी मोम्बासा’ (MT Mombasa) नामक दो मालवाहक जहाजों पर हुए भीषण हमलों के बाद जारी किया गया है। इन दोनों जहाजों पर चालक दल के 46 सदस्यों में से 30 भारतीय नाविक सवार थे। ‘एमटी अल बहिया’ पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की दुखद मृत्यु हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अतिरिक्त, ‘एमटी मोम्बासा’ पर हुए हमले में 9 भारतीय नाविक घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने वैश्विक समुद्री मार्गों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके मद्देनजर डीजीएमए ने सभी जहाजों के कप्तानों को उच्चतम स्तर की सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

जहाजों के लिए सुरक्षा गाइडलाइंस और सख्त प्रोटोकॉल
डीजीएमए ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि फारस की खाड़ी, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और ओमान की खाड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों में संचालित होने वाले जहाजों को सुरक्षा के कड़े प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। जहाज के कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे अंतरराष्ट्रीय नौवहन चेतावनियों और सुरक्षा सलाहों का निरंतर अनुसरण करें। साथ ही, ‘इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट सिक्योरिटी’ (ISPS) कोड के तहत निर्धारित सभी सुरक्षा उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रियल-टाइम अपडेट्स पर नजर रखना और सक्षम अधिकारियों के संपर्क में रहना अब अनिवार्य है।
रियल-टाइम डैशबोर्ड से होगी भारतीय नाविकों की सुरक्षा की निगरानी
भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय जहाजरानी और नौवहन मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने एक विशेष ‘रियल-टाइम डैशबोर्ड’ स्थापित करने का आदेश दिया है। इस डिजिटल निगरानी प्रणाली के जरिए फारस की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद हर उस जहाज को ट्रैक किया जाएगा जिस पर भारतीय नाविक तैनात हैं। चाहे जहाज किसी भी देश का हो या उस पर किसी भी राष्ट्र का झंडा लगा हो, उस पर मौजूद भारतीय नाविकों का डेटा और उनकी सुरक्षा स्थिति इस डैशबोर्ड पर हर पल अपडेट रहेगी। इस तकनीक का उद्देश्य संकट के समय में त्वरित प्रतिक्रिया देना और हर एक भारतीय नाविक की जान सुरक्षित बचाना है।
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