Hunger Strike : पर्यावरणविद् और प्रसिद्ध कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा आमरण अनशन अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उनकी लंबी भूख हड़ताल के कारण स्वास्थ्य में हो रही गिरावट को देखते हुए अब राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव आज जंतर-मंतर पहुंचीं और वांगचुक से मुलाकात की। डिंपल यादव का यह दौरा इस आंदोलन के प्रति विपक्षी एकजुटता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने न केवल वांगचुक के अदम्य साहस की सराहना की, बल्कि केंद्र सरकार से तत्काल उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए बातचीत की अपील भी की। डिंपल यादव की मौजूदगी ने इस आंदोलन को एक नई राष्ट्रीय गंभीरता प्रदान की है।

देश भर से जुट रहा समर्थन, स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ीं
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों के समर्थन में संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनशन के 19 दिन पूरे होने के साथ ही देश भर से विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का समर्थन बढ़ता जा रहा है। जैसे-जैसे उपवास की अवधि बढ़ रही है, वांगचुक की सेहत को लेकर समर्थकों और शुभचिंतकों की चिंताएं भी बढ़ती जा रही हैं। जंतर-मंतर पर लगा समर्थकों का जमावड़ा इस बात का प्रमाण है कि उनकी मांगें अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले रही हैं। कार्यकर्ता लगातार सरकार की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं और वांगचुक के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए बड़ी संख्या में वहां पहुंच रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल का दौरा: जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
राजनीतिक सक्रियता के बीच, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी आज शाम सोनम वांगचुक से मुलाकात करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचेंगे। अरविंद केजरीवाल के दौरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह तैनाती कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, ताकि विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार और इस्तीफे की मांग तेज
यह पूरा आंदोलन न केवल लद्दाख के हितों, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ भी खड़ा हो गया है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) द्वारा नीट (NEET) और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन दिया है। केजरीवाल ने जोर देकर कहा है कि उनकी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग का समर्थन करती है। सोनम वांगचुक बाद में इस आंदोलन से जुड़े और अब वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। विपक्षी नेताओं की बढ़ती सक्रियता और वांगचुक के प्रति एकजुटता ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे अब पूरे मामले में गतिरोध टूटने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
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