Dhamtari School Incident : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सिलौटी स्थित सरकारी स्कूल में एक बेहद चिंताजनक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। स्कूल में अध्ययनरत एक छात्र का व्यवहार अचानक पूरी तरह से बदल गया और उसने आवेश में आकर अपने एक दर्जन से अधिक सहपाठियों (क्लासमेट्स) को दांतों से काट लिया। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। घायल छात्रों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर उन सभी को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए। हालांकि, घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन छात्र में रेबीज के लक्षण होने की चर्चा से अभिभावक गहरे सदमे में हैं।

तीन साल पहले कुत्ते के काटने से हुआ था संक्रमण का खतरा
प्राथमिक जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि उक्त छात्र को करीब तीन साल पहले एक रेबीज संक्रमित कुत्ते ने काटा था। परिजनों का कहना है कि उस वक्त छात्र को रेबीज के निर्धारित सभी टीके लगवाए गए थे और तब से लेकर अब तक उसकी तबीयत पूरी तरह सामान्य थी। अचानक इतने लंबे अंतराल के बाद इस तरह के व्यवहारिक परिवर्तन और संक्रमण के लक्षण उभरने से चिकित्सा विशेषज्ञ भी हैरान हैं। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या यह वास्तव में रेबीज का ही मामला है या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण है।

स्कूल प्रबंधन की तत्परता और घायल छात्रों का उपचार
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी प्रकार के संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी घायल छात्रों को अस्पताल पहुँचाया। स्कूल प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से स्थिति और बिगड़ने से बच गई। सभी प्रभावित छात्रों का प्राथमिक उपचार करने के साथ ही उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन की खुराक दी गई है, ताकि किसी भी अनहोनी की संभावना को शून्य किया जा सके। प्रबंधन ने सभी अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रभावित बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है।
जिला अस्पताल में छात्र की गहन निगरानी, स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
घटना के बाद संबंधित छात्र को बेहतर चिकित्सकीय परीक्षण और विशेषज्ञ देखरेख के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की एक टीम उसकी स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग कर रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी घटना का विस्तृत जायजा लिया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि छात्र के पिछले चिकित्सा रिकॉर्ड और वर्तमान लक्षणों का बारीकी से अध्ययन किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर जानवरों के काटने और उसके बाद अपनाई जाने वाली सावधानियों पर बहस छेड़ दी है। धमतरी स्वास्थ्य विभाग इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरत रहा है और आवश्यक चिकित्सकीय एवं एहतियाती कदम उठा रहा है।











