CG Heavy Rain Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसका सबसे बुरा असर बिलासपुर जिले में देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नेशनल हाईवे-49 पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। शहर के निचले इलाकों जैसे श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा के बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स में हालात इतने खराब हैं कि सड़कों पर 4 से 5 फीट तक पानी बह रहा है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों में आज छुट्टी घोषित कर दी है।

रेल और सड़क यातायात पर व्यापक असर
बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिलासपुर रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण 5 मेमू ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है, जबकि 3 अन्य ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। वहीं, सड़क मार्ग की बात करें तो कोटमीसोनार में लीलागर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया है और नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इस मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और सुरक्षा के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

रायगढ़ में बिजली गिरने से महिला की मौत
मौसम की इस मार में जनहानि की भी खबर है। रायगढ़ जिले में गुरुवार शाम मौसम के अचानक बदले मिजाज के बीच बिजली गिरने की एक दुखद घटना हुई। जंगल में जंगली मशरूम (पुटू) बीनने गई 55 वर्षीय प्रभा एक्का की बिजली की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह घटना राज्य में सक्रिय हो रहे मानसून के खतरनाक पहलुओं को दर्शाती है। रायपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख शहरों में भी रातभर रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर जारी रहा, जिससे तापमान में गिरावट आई है, लेकिन जलभराव की आशंका बनी हुई है।
लो प्रेशर एरिया के कारण अगले 3 दिन भारी
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होने का मुख्य कारण ओडिशा के उत्तर और पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना ‘लो प्रेशर एरिया’ है। विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। गरज-चमक और वज्रपात की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।
प्रशासन की चेतावनी और एहतियाती कदम
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बचाव दलों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने और स्थिति सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं और बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला और तेज हो सकता है, इसलिए पूरी सतर्कता बरतना अनिवार्य है।
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