Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से एक विशेष चर्चा ने जोर पकड़ रखा था कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-एसपी) संभवतः एनडीए गठबंधन का हिस्सा बन सकती है। इसके साथ ही, यह कयास भी लगाए जा रहे थे कि एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विलय की प्रक्रिया चल रही है। इन तमाम अटकलों ने राज्य के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी थी। हालांकि, अब शरद पवार की बेटी और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इन खबरों पर पूर्णविराम लगाते हुए इनका पुरजोर खंडन किया है।

सुप्रिया सुले का स्पष्टीकरण: कोई विलय या गठबंधन का प्रस्ताव नहीं
मुंबई में पत्रकारों के साथ एक अनौपचारिक चर्चा के दौरान सुप्रिया सुले ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शरद पवार, जयंत पाटिल, अनिल देशमुख या राजेश टोपे जैसे किसी भी वरिष्ठ नेता को न तो बीजेपी की ओर से और न ही एनडीए के किसी अन्य सहयोगी दल से कोई गठबंधन या विलय का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि पार्टी की एकता पूरी तरह बरकरार है। विधायकों और सांसदों पर पाला बदलने के दबाव के सवालों पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उनके सभी आठ सांसद एक-दूसरे के निरंतर संपर्क में हैं और शरद पवार के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। किसी भी पदाधिकारी ने दल छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है।

अफवाहों का आधार और प्रशासनिक बैठकों का रहस्य
इन अफवाहों का दौर तब शुरू हुआ जब मुंबई में एक देर रात की बैठक की खबर बाहर आई। इस बैठक में शरद पवार गुट के जयंत पाटिल, एनसीपी (अजीत गुट) के प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति ने राजनीतिक विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर दिया था। हालांकि, शरद पवार की पार्टी ने इसे सिरे से नकारते हुए इसे केवल एक प्रशासनिक बैठक करार दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि एनडीए आगामी ‘परिसीमन विधेयक’ (Delimitation Bill) के लिए बहुमत जुटाने के प्रयास में है, लेकिन सुले ने ऐसी किसी भी बैकडोर वार्ता की संभावना से इनकार किया है। खुद शरद पवार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधते हुए इसे वर्तमान में चर्चा का विषय न होने की बात कही है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया: गठबंधन की एकजुटता पर भरोसा
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने भी इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जयंत पाटिल के साथ बातचीत हुई है, जिसमें पाटिल ने भरोसा दिलाया है कि राकांपा-एसपी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के साथ मजबूती से जुड़ी रहेगी। पटोले ने कहा कि एनसीपी के दो गुटों के बीच जो कुछ भी चल रहा है, वह उनका आंतरिक मामला है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम पर संतोष जताते हुए कहा है कि उन्हें राज्य में गठबंधन के भविष्य को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और वे अपनी आगामी रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
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