Karnataka Cabinet Expansion : कर्नाटक की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में कैबिनेट का विस्तार कब तक होगा, यह चर्चा इस समय हर राजनीतिक गलियारे में मुख्य केंद्र बनी हुई है। इस बीच, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा रविवार, 19 जुलाई को मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक बुलाए जाने ने इन अटकलों को और अधिक बल दिया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान राज्य में होने वाली तैयारियों और संभावित चुनौतियों पर चर्चा करना है। मानसून के दस्तक देने के साथ ही प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आलाकमान से परामर्श और भविष्य की रणनीति
मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में कैबिनेट के विस्तार और खाली पड़े पदों को भरने के लिए आलाकमान की स्वीकृति पर चर्चा की गई है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा सत्र के संचालन से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा ताकि सदन में सरकार की स्थिति और अधिक सुदृढ़ हो सके। पार्टी हाईकमान की हरी झंडी मिलते ही राज्य सरकार जल्द ही नए मंत्रियों के नामों की घोषणा कर सकती है।

खाली सीटों का गणित और रिक्त पदों की स्थिति
कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राज्य मंत्रिमंडल में रिक्त पदों की संख्या काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में कुल 20 पद खाली हैं, साथ ही विधानसभा अध्यक्ष का पद भी रिक्त चल रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कर्नाटक मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या 34 हो सकती है। फिलहाल, 20 नए मंत्रियों को शामिल करने की पूरी संभावना है, जिससे सरकार के कामकाज में और तेजी आएगी। यह विस्तार न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए भी अनिवार्य माना जा रहा है।
सरकार का गठन और आगामी चुनौतियां
गौरतलब है कि राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 28 मई को सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद शुरू हुई थी। इसके पश्चात, तीन जून को डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और उनके साथ 13 विधायकों ने मंत्री पद का कार्यभार संभाला। अब, शेष 20 रिक्त पदों को भरने की कवायद जोर-शोर से चल रही है। सरकार का प्रयास है कि मानसून की चुनौतियों का सामना करने के लिए कैबिनेट को पूर्ण रूप दिया जाए। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए कांग्रेस सरकार राज्य के विकास और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूती प्रदान करना चाहती है।
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