Rahul Gandhi Vacation : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हाल ही में टाइम्स नाउ नवभारत के एक पॉडकास्ट के दौरान देश की राजनीति, आगामी मानसून सत्र और पार्टी की रणनीतियों पर खुलकर अपने विचार रखे। जब उनसे राहुल गांधी की छुट्टियों को लेकर सवाल किया गया, तो जयराम रमेश ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते? उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 दिनों की छुट्टी लेना कोई असामान्य बात नहीं है। रमेश के अनुसार, छुट्टी के दौरान भी राहुल गांधी मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस को केवल एक व्यक्ति के दृष्टिकोण से आंकना पार्टी की कार्यप्रणाली को कमतर समझने जैसा है।

17 अप्रैल की घटना को बताया सरकार की ‘बड़ी बेइज्जती’
विशेष सत्र और परिसीमन विधेयक के संदर्भ में जयराम रमेश ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए इसे एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बड़ी हेडलाइन बनाने की कोशिश में थी, लेकिन 17 अप्रैल को उसे मुंह की खानी पड़ी। विधेयक के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (352 मत) जुटाने में सरकार विफल रही और उसे केवल 298 मत ही मिले। रमेश ने इसे सरकार की ‘बहुत बड़ी बेइज्जती’ बताया। साथ ही, उन्होंने मीडिया में चल रही संयुक्त बैठक की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि संविधान के तहत ऐसी किसी स्थिति में संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा में तो सरकार बहुमत के करीब है, लेकिन लोकसभा में उसे आवश्यक समर्थन कभी नहीं मिल पाएगा।

भाजपा पर निशाना और ‘संकट काल’ का दावा
राहुल गांधी द्वारा सरकार के कार्यकाल पूरा न कर पाने के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम रमेश ने वर्तमान समय को ‘अमृत काल’ के बजाय ‘संकट काल’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक संदिग्ध तालमेल काम कर रहा है। रमेश ने दावा किया कि एसआईआर (SIR) के माध्यम से जानबूझकर लाखों नागरिकों, जिनमें शिक्षक और सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हैं, को मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर डीएमके और आम आदमी पार्टी समेत 24 विपक्षी दलों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनके अनुसार, यदि चुनाव निष्पक्ष हों, तो भाजपा को बहुमत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
‘संगठन सृजन’ अभियान से कांग्रेस को मिलेगी नई मजबूती
अपनी पार्टी की तैयारियों पर बात करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस ‘चुपचाप लेकिन ठोस’ तरीके से अपनी जमीन तैयार कर रही है। पिछले डेढ़ वर्षों से चलाए जा रहे ‘संगठन सृजन’ अभियान के माध्यम से पार्टी संगठन को निचले स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत अब तक लगभग 600 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति और विचार-विमर्श से की जा चुकी है, जबकि शेष 200 नियुक्तियां भी जल्द पूरी कर ली जाएंगी। रमेश का मानना है कि इन बदलावों से पार्टी के जिला अध्यक्ष और अधिक सशक्त होंगे, जो आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा की चुनौतियों का सामना करने के लिए कांग्रेस को एक नई ऊर्जा प्रदान करेंगे।
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