Kangana Ranaut on CJP Protest: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शन के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को दिनभर में कुल छह बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसद नीट (NEET) पेपर लीक मामले और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामलों पर तत्काल चर्चा कराने की पुरजोर मांग कर रहे थे। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब कई विपक्षी सांसद अपने हाथों में तख्तियां, पोस्टर और बैनर लेकर सीधे सदन के अंदर पहुंच गए, जिससे सदन में लगातार व्यवधान बना रहा।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में उठाया जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मुद्दा
संसद के उच्च सदन राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिसिया कार्रवाई का मामला जोरदार तरीके से उठाया। खड़गे ने सदन को संबोधित करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर युवा और छात्र बड़ी संख्या में इकठ्ठा हुए थे, लेकिन सरकार उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे इन युवाओं और छात्रों पर सरकार ने बेरहमी से लाठीचार्ज करवाया है।

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पेश किया महत्वपूर्ण विधेयक
एक तरफ जहां संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों का हंगामा चरम पर था, वहीं दूसरी ओर लोकसभा के भीतर विधायी कामकाज भी जारी रहा। हंगामे के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या बढ़ाने से संबंधित एक बेहद महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक के माध्यम से देश की सर्वोच्च अदालत में न्याय प्रक्रिया को और अधिक सुगम और तीव्र बनाने के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं, जिस पर आगामी दिनों में व्यापक चर्चा की संभावना है।
पीएम मोदी ने संसद के बाहर मीडिया से की बात
संसद सत्र शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करते हुए लगभग 15 मिनट तक देश के नाम संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे मानसून हो या संसद का मानसून सत्र, यदि दोनों ही प्रो-एक्टिव यानी सक्रिय रूप से काम करें, तो वे देश के लिए अत्यधिक प्रोडक्टिव साबित होते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि वे संसद के भीतर शोरगुल के बजाय तथ्यों और तर्कों के साथ सार्थक चर्चा को प्राथमिकता दें, ताकि देश और जनता का वास्तविक कल्याण सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की चार मुख्य बातें और देश की आर्थिक मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए चार मुख्य बातें रखीं। उन्होंने कहा कि संसद में सार्थक चर्चा आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में शुरू हुई देश की सबसे पहली और शक्तिशाली ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन का विशेष उल्लेख किया, जो दुनिया के चुनिंदा देशों में ही संचालित हो रही है। पीएम ने वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया के युद्ध और पेट्रोल-डीजल के संकट के बावजूद भारत की विकास दर 7.7% रहने का जिक्र करते हुए देश की मजबूत आर्थिक स्थिति पर संतोष व्यक्त किया।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला नया बिल ऑर्डिनेंस की लेगा जगह
लोकसभा में पेश किए गए ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ के तहत सर्वोच्च अदालत में जजों की कुल स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 (भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित) करने का प्रस्ताव है। यह नया विधेयक मई महीने में लाए गए उस ऑर्डिनेंस की जगह लेगा जिसके लागू होने के बाद पहले ही 5 नए जजों की नियुक्ति की जा चुकी है। इस संशोधन के लिए संविधान में किसी भी प्रकार के बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं है और इसे संसद के साधारण बहुमत के साथ आसानी से पारित किया जा सकता है।
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