Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। सोमवार को जिले के लोरन गांव के ऊपरी इलाके में एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां अचानक हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक कच्चा मकान पूरी तरह से ढह गया। इस भयावह घटना में चार महिलाओं समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत एवं बचाव दल तुरंत हरकत में आए और घटनास्थल पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान युद्ध स्तर पर शुरू किया।

जिले में अब तक 17 लोगों की मौत
पुंछ जिले में शनिवार शाम से ही रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसी भयंकर स्थिति पैदा हो गई है और लगातार भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस आपदा से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक कुल 17 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा, अभी भी छह अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों और बचाव दलों का सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि किसी भी जीवित बचे व्यक्ति को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा मुआवजे का ऐलान
इस भीषण प्राकृतिक आपदा और जनहानि को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को एक बड़ा राहत कदम उठाया। उन्होंने पुंछ और राजौरी जिलों में वर्षाजनित दुर्घटनाओं और बाढ़ की चपेट में आकर अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए छह-छह लाख रुपये की आर्थिक अनुग्रह राशि देने की आधिकारिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को हुई इस अपूरणीय क्षति की भरपाई पैसों से नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार पूरी तत्परता से उनके साथ खड़ी है।
वित्तीय सहायता और राहत पैकेज की विस्तृत जानकारी
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस घोषित राहत पैकेज में राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) की तरफ से चार लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से अतिरिक्त दो लाख रुपये की राशि शामिल की गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय रविवार शाम को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलाई गई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। इस बैठक में दोनों जिलों में हुए जान-माल के नुकसान का पूरा जायजा लिया गया और प्रशासनिक अधिकारियों को बिना किसी देरी के राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और प्रशासनिक निर्देश
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हर संभव सरकारी मदद बिना किसी कागजी देरी के सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाई जानी चाहिए। इसके अलावा, भारी बारिश के कारण बाधित हुई बिजली, पानी और यातायात जैसी आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल और समन्वित प्रयासों के साथ काम करने पर विशेष जोर दिया गया है।
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