Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं। संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को संसद में चर्चा करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों की स्थिति चिंताजनक है और सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक इस घटना पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी और छात्रों से माफी क्यों नहीं मांगी।

लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा की मांग का किया जिक्र
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों के मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने का अनुरोध किया। उनके अनुसार उन्होंने यह मांग रखी कि प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर संसद में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें बताया कि इस विषय पर सरकार से बात की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है।

प्रधानमंत्री से मांगी सार्वजनिक प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अब तक प्रधानमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक बयान क्यों नहीं आया। राहुल गांधी ने कहा कि यदि बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उनकी बात सुनना और उनके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को छात्रों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उचित कदम उठाने चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर युवाओं में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। उनके अनुसार छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास मजबूत बना रहे।
पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में बल प्रयोग हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए और भविष्य में इस तरह की परिस्थितियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
घायल छात्रा से मिलने आरएमएल अस्पताल पहुंचे
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के बाद राहुल गांधी डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुई एक छात्रा का हालचाल जाना। जानकारी के अनुसार छात्रा गंभीर रूप से घायल होने के कारण अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। राहुल गांधी ने अस्पताल में डॉक्टरों से छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार जारी
छात्रों के प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से भी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के आंदोलन और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर इस विषय पर बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
Read More : Raipur Police: बसों से नशा तस्करी रोकने बड़ा अभियान, पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश












