Chalo Sansad Protest: दिल्ली में आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के बाद कांग्रेस ने प्रदर्शन में शामिल उन युवाओं के समर्थन में बड़ा कदम उठाया है, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया, हिरासत में लिया गया या जिन्होंने पुलिस कार्रवाई का सामना करने का दावा किया है। यह प्रदर्शन नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कानूनी सहायता देने की घोषणा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने घोषणा की है कि पार्टी की कानूनी टीम प्रभावित युवाओं की मदद के लिए उपलब्ध रहेगी। कांग्रेस के अनुसार, जिन लोगों को प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया, हिरासत में लिया गया या जो कथित रूप से पुलिस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं, उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह और सहायता प्रदान की जाएगी। पार्टी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर उसके अधिवक्ता संबंधित परिवारों से सीधे संपर्क भी करेंगे ताकि कानूनी प्रक्रिया में सहायता मिल सके।

वकीलों की सूची और संपर्क जारी
कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए पार्टी की कानूनी टीम के वकीलों के नाम और संपर्क विवरण सार्वजनिक किए। साथ ही प्रभावित लोगों की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म भी उपलब्ध कराया गया है। पार्टी का कहना है कि इस फॉर्म के माध्यम से प्रभावित व्यक्ति या उनके परिजन अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं, जिसके बाद कांग्रेस की कानूनी टीम उनसे संपर्क कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।
पीड़ितों तक सीधे पहुंचेगी कानूनी टीम
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पार्टी ने अपनी लीगल टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में हर जरूरतमंद व्यक्ति को कानूनी सहायता प्रदान की जाए। पार्टी का दावा है कि यदि किसी युवक या उसके परिवार को कानूनी प्रक्रिया में कठिनाई आती है, तो अधिवक्ताओं की टीम सीधे उनसे संपर्क करेगी। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहुंचे आरएमएल अस्पताल
इस घटनाक्रम के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती युवाओं का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी उनके साथ मौजूद थे। नेताओं ने गंभीर रूप से घायल एक छात्रा के परिजनों से भी मुलाकात कर उनका हाल जाना।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। पार्टी ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद आवश्यक है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए और लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।
राहुल गांधी ने सरकार से की जवाबदेही की मांग
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देने और छात्रों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी का भी उल्लेख करते हुए राजनीतिक जवाबदेही की मांग की। दूसरी ओर प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहता है तथा छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
शिक्षा और युवाओं का मुद्दा बना राजनीतिक केंद्र
नीट परीक्षा, शिक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम अब राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी ओर सरकार की ओर से भी स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना है। फिलहाल कांग्रेस ने प्रभावित युवाओं को कानूनी सहायता देने का भरोसा देकर इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत दिया है।
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