Bilaspur Road Accident : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। हिर्री थाना क्षेत्र के मुड़पार गांव के पास धान रोपाई के लिए खेत जा रहे श्रमिकों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रॉली के नीचे दबने से दो श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।

खेत की ओर जा रहे थे सभी मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मुड़पार गांव के कई श्रमिक मंगलवार सुबह गांव के एक किसान के खेत में धान की रोपाई करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर निकले थे। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कच्चा रास्ता काफी फिसलन भरा हो गया था। रास्ते में अचानक ट्रैक्टर चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वाहन सड़क से नीचे उतरकर खेत में पलट गया। ट्रॉली पलटते ही उसमें बैठे कई श्रमिक उसके नीचे दब गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

ग्रामीणों ने शुरू किया राहत और बचाव कार्य
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और अन्य मजदूर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। सभी ने मिलकर ट्रॉली के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दो श्रमिकों की मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई अन्य घायल मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
घायलों का अस्पताल में जारी है उपचार
घटना की जानकारी मिलते ही हिर्री थाना पुलिस और एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक उपचार शुरू कर दिया है तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की भी तैयारी रखी गई है।
पुलिस ने शुरू की दुर्घटना की जांच
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल श्रमिकों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि बारिश के कारण कच्ची सड़क पर फिसलन बढ़ने से ट्रैक्टर चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
गांव में पसरा मातम और शोक
इस दर्दनाक दुर्घटना के बाद मुड़पार गांव में शोक का माहौल है। एक ही गांव के कई श्रमिक इस हादसे का शिकार होने से पूरे क्षेत्र में दुख और चिंता व्याप्त है। मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि घायल श्रमिकों के परिजन अस्पताल में उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। ग्रामीणों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सुरक्षा मानकों के पालन की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि धान रोपाई के मौसम में बड़ी संख्या में श्रमिक ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से खेतों तक पहुंचते हैं। ऐसे में वाहनों की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने से बचना, खराब मौसम में सावधानी बरतना और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कृषि कार्य के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Read More : Chalo Sansad Protest: कांग्रेस का बड़ा ऐलान, गिरफ्तार युवाओं को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता












