Korea Crime News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। पुलिस के अनुसार, खड़गवां थाना क्षेत्र की 17 वर्षीय एक नाबालिग युवती ने कुछ महीने पहले अपनी इच्छा से दूसरे समाज के एक युवक के साथ विवाह कर लिया था। युवती के घर से चले जाने के बाद उसके परिजनों ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में जांच के दौरान परिजनों को जानकारी मिली कि युवती ने अपनी पसंद से विवाह कर लिया है। इसके बाद पारिवारिक विवाद ने कथित तौर पर गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले लिया।

ससुराल से युवती को साथ ले जाने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, युवती के माता-पिता और समाज के कुछ लोग उसके ससुराल पहुंचे। उस समय उसका पति घर पर मौजूद नहीं था। आरोप है कि ससुराल पक्ष के विरोध के बावजूद युवती को जबरन अपने साथ ले जाया गया। शिकायत में कहा गया है कि बाद में उसे समाज से जुड़े कुछ लोगों के हवाले कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद युवती की सुरक्षा और उसके साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर मामला और गंभीर हो गया।

गंभीर आरोपों के आधार पर दर्ज हुआ मामला
पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोप लगाया गया है कि उसे सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र में एक स्थान पर रखा गया, जहां उसके साथ कथित रूप से कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को युवती के गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद गर्भपात कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और उनकी जांच जारी है।
मेडिकल स्टोर से पति को दी जानकारी
शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को युवती को कथित तौर पर गर्भपात की दवा लाने के लिए मेडिकल स्टोर भेजा गया। इसी दौरान उसे अपने पति से संपर्क करने का अवसर मिला। युवती ने फोन पर पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी। सूचना मिलने के बाद पति तुरंत बैकुंठपुर थाने पहुंचा और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थान पर दबिश दी।
पुलिस ने युवती को सुरक्षित बरामद किया
शिकायत के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए युवती को संबंधित स्थान से सुरक्षित बरामद किया। इसके बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत थाने लाया गया, जहां उसका बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण भी कराया और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से पड़ताल की जा रही है।
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कर रही सभी पहलुओं की विस्तृत जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि कथित घटनाक्रम में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा युवती को किन परिस्थितियों में वहां रखा गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष और कानून के अनुसार पूरी की जाएगी।
संवेदनशील मामलों में कानून के पालन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील आपराधिक मामले में अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की पहचान और गोपनीयता की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
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