Congress Dharna Update: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपने हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां पहनकर छात्रों के समर्थन और पुलिस कार्रवाई के विरोध का संदेश दिया।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया
धरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद नेताओं को अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया, जबकि राहुल गांधी सहित कई सांसदों को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने सभी नेताओं को रिहा कर दिया। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी भी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं और प्रियंका गांधी से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

धरने में लगे सरकार विरोधी नारे
प्रधानमंत्री आवास के निकट आयोजित धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “प्रधानमंत्री इस्तीफा दो”, “गुंडागर्दी नहीं चलेगी” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, पवन खेड़ा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य राज्यों के कांग्रेस नेताओं ने भी आंदोलन में भाग लिया। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई नेताओं को भी हिरासत में लिया।
अखिलेश यादव ने भी जताया समर्थन
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस के साथ एकजुटता दिखाई। विपक्षी नेताओं का कहना था कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
जितेंद्र सिंह और राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत
धरने के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने राहुल गांधी से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया और समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। कांग्रेस का कहना था कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से मांगी माफी
हिरासत से पहले राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और संसद में खुली चर्चा करानी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष से चर्चा की मांग
राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर छात्रों से जुड़े घटनाक्रम पर संसद में चर्चा कराने का अनुरोध किया। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें बताया गया कि इस विषय पर आगे बढ़ने से पहले सरकार से अनुमति ली जाएगी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर प्रश्न बताते हुए कहा कि संसद में जनता के मुद्दों पर बिना किसी बाधा के चर्चा होनी चाहिए।
गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में गृह मंत्रालय की भूमिका होने के कारण जवाबदेही तय की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
घायल छात्रा से मिलने पहुंचे राहुल गांधी
धरना और हिरासत से रिहा होने के बाद राहुल गांधी सीधे डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने उस छात्रा से मुलाकात की, जो हाल के प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई थी और अस्पताल के आईसीयू में भर्ती बताई जा रही है। राहुल गांधी ने छात्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसके परिजनों से भी बातचीत की। कांग्रेस का कहना है कि वह छात्रों के मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठाती रहेगी तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।
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