Sahara India Fraud Case: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सहारा इंडिया निवेश धोखाधड़ी मामले की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे सहारा इंडिया के एक शाखा प्रबंधक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई फरार आरोपियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 54 वर्षीय विजय कुमार शराफ के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर करीब तीन वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

निवेशकों की शिकायत से शुरू हुई थी जांच
पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले की शुरुआत 29 सितंबर 2022 को दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता विकास निगानिया ने कोतवाली थाने में आरोप लगाया था कि सहारा इंडिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी की विश्वसनीयता का भरोसा दिलाकर वर्ष 2017 में उनसे और उनके परिवार के सदस्यों से विभिन्न निवेश योजनाओं में बड़ी राशि जमा करवाई। निवेश की अवधि पूरी होने के बावजूद उन्हें उनकी जमा पूंजी वापस नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जिला प्रशासन, संबंधित बैंकों और निवेशकों से प्राप्त दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच में सामने आया कि सहारा इंडिया समूह के नाम पर निवेशकों से धन जमा कराया गया और विभिन्न सहकारी समितियों के नाम से बॉन्ड जारी किए गए। अब तक की जांच में यह पता चला है कि कुल 3,848 निवेशकों से लगभग 40 करोड़ 78 लाख 16 हजार 739 रुपये की कथित धोखाधड़ी हुई है। पुलिस इस मामले को बड़े वित्तीय अपराध के रूप में जांच रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पहले भी कई आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि इस मामले में इससे पहले भी सहारा इंडिया से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें पूर्व शाखा प्रबंधक, सेक्टर मैनेजर, रीजनल मैनेजर और कंपनी के अन्य जिम्मेदार पदों पर कार्यरत लोग शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर न्यायालय में चालान भी प्रस्तुत किया है। अब तक की कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य भी एकत्र किए जा चुके हैं।
ससुराल पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी विजय कुमार शराफ लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने ससुराल क्षेत्र कोतरारोड़ आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और आरोपी को बिना किसी अप्रिय घटना के गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से आरोपी की तलाश की जा रही थी और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई सफल रही।
महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड किए गए जब्त
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कंपनी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें नियुक्ति संबंधी आदेश, प्रशासनिक रिकॉर्ड, समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रतियां, बैंक खातों से जुड़ी जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि ये रिकॉर्ड जांच को आगे बढ़ाने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वाहन भी किए गए जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने कथित धोखाधड़ी से अर्जित धन से खरीदे गए कुछ वाहनों को भी जब्त किया है। इनमें एक कार और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों के स्रोत और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य संपत्तियों का भी संबंध कथित धोखाधड़ी से पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। जांच एजेंसियां विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे-जैसे नए साक्ष्य सामने आएंगे, वैसे-वैसे आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।












