हिंदू धर्म में तेरहवीं और मृत्युभोज को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि यदि तेरहवीं पर मृत्युभोज न कराया जाए तो क्या पितृ दोष लगता है। गरुड़ पुराण और धार्मिक परंपराओं में इस विषय को अलग दृष्टिकोण से बताया गया है। आखिर शास्त्र क्या कहते हैं और किन बातों का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण माना गया है, जानिए पूरी जानकारी।

















