CJP Protest : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में बुधवार रात एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। छात्र आंदोलन के दौरान हालात उस समय बिगड़ गए, जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हो गई। घटनास्थल से सामने आए शुरुआती वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पथराव की घटना भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

प्रदर्शन के दौरान पथराव के आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों की ओर पथराव किए जाने का दावा किया गया। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।

वीडियो में लाठियां लिए दिखे कुछ प्रदर्शनकारी
घटना से जुड़े कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोगों के हाथों में लाठियां जैसी वस्तुएं दिखाई दे रही हैं। वहीं कुछ वीडियो में पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प के दृश्य भी नजर आ रहे हैं। इन वीडियो के आधार पर घटना की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे।
20 जुलाई के ‘संसद मार्च’ के बाद से बना हुआ है तनाव
गौरतलब है कि 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भी जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। उस समय प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया था। उस घटना के बाद से छात्र आंदोलन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
सरकार ने बातचीत की इच्छा जताई
इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि आंदोलन से जुड़े लोगों की बातें शांतिपूर्वक सुनी गई हैं और उन्होंने अपनी मांगें लिखित रूप में भी सरकार को सौंपी हैं। नड्डा के अनुसार, सरकार संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है और उचित समय पर औपचारिक बातचीत भी की जाएगी।
सोनम वांगचुक के पत्र पर सरकार देगी जवाब
जेपी नड्डा ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधि उनसे हालचाल जानने के लिए मिले थे और उन्हें अनशन समाप्त करने का आग्रह किया गया था। नड्डा के मुताबिक, सोनम वांगचुक ने सरकार को एक खुला पत्र भेजा है, जिसका जवाब जल्द दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और समाधान संवाद के जरिए ही निकलेगा।
छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी
जंतर-मंतर की घटना के साथ ही छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी मुद्दे का समाधान लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। इसी क्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।
घटना की जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल जंतर-मंतर पर हुई झड़प को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटा है और उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इस बीच सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में सतर्क हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि झड़प किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।











