Congress Protest : पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनियमितता और पेपर लीक जैसे मामले बेहद गंभीर हैं, इसलिए इनका राजनीतिकरण करने के बजाय निष्पक्ष जांच और व्यापक चर्चा होनी चाहिए। नड्डा ने कहा कि सरकार इस विषय को पूरी गंभीरता से देख रही है और हर मामले की जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।

राहुल गांधी के आरोपों पर दिया जवाब
जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान लगभग 150 पेपर लीक मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने के पक्ष में है। नड्डा के अनुसार, हर घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की जांच आवश्यक है।

कांग्रेस शासित राज्यों का किया उल्लेख
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नड्डा ने कई राज्यों में हुई परीक्षा अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल एक राज्य तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि इन राज्यों में भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान पेपर लीक या अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं।
राहुल गांधी से पूछा सवाल
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि यदि पेपर लीक के मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा करनी है, तो सभी राज्यों में हुई घटनाओं को समान रूप से सामने लाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने केवल चुनिंदा मामलों का उल्लेख किया, जबकि अन्य राज्यों में हुई घटनाओं को नजरअंदाज किया गया। उनके अनुसार, यदि उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार है तो सभी मामलों पर निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
छात्रों के हित में समाधान पर दिया जोर
नड्डा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान निकालना है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में राजनीति के बजाय ठोस सुधारों पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है।
संसद को बताया सबसे उपयुक्त मंच
मंत्री नड्डा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत बहस के लिए पूरी तरह तैयार है। नड्डा ने बताया कि लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष जितने घंटे चर्चा चाहता है, सरकार उसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि व्यापक विमर्श के माध्यम से ही ऐसी समस्याओं का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है।
‘बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण’
जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों की समान जिम्मेदारी है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया जाए। उनके अनुसार, संसद में सभी पक्षों के सुझावों पर विचार कर भविष्य के लिए ठोस नीति तैयार की जा सकती है।
सोनम वांगचुक के मुद्दे पर भी दी प्रतिक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनम वांगचुक के अनशन और उनसे हुई मुलाकात का भी जिक्र किया गया। नड्डा ने बताया कि सरकार की ओर से उनसे सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात औपचारिक वार्ता के लिए नहीं, बल्कि उनका हालचाल जानने और उन्हें अनशन समाप्त करने का आग्रह करने के उद्देश्य से थी। नड्डा के अनुसार, सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है और संवाद के माध्यम से ही समाधान निकालने में विश्वास रखती है।
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