Bulldozer Action : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में प्रशासन ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब तीन एकड़ जमीन को कब्जामुक्त कराया। कोटराही गांव में बुधवार को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और तय प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान भूमि का सीमांकन भी कराया गया, ताकि भविष्य में इस जमीन पर दोबारा अवैध कब्जा न हो सके। प्रशासन ने सीमांकन के लिए गड्ढे खुदवाकर जमीन की स्पष्ट मार्किंग भी कराई।

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लिए आरक्षित है जमीन
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, वह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के निर्माण और विस्तार के लिए आरक्षित है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने में लंबे समय से अतिक्रमण बाधा बन रहा था। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि शिक्षा संबंधी उपयोग के लिए चिन्हित है, इसलिए इसे कब्जामुक्त कराना आवश्यक था। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद विद्यालय से जुड़े निर्माण और अन्य विकास कार्यों में तेजी आएगी।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रही। कार्रवाई में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, एसडीओपी, बसंतपुर थाना प्रभारी, वाड्रफनगर चौकी प्रभारी, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी सहित राजस्व और पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
पहले दिए गए थे नोटिस, नहीं हटाया गया कब्जा
राजस्व विभाग के अनुसार, इस सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की जांच के बाद राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किया गया और संबंधित लोगों को कई बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से अस्थायी और अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
सीमांकन कर दोबारा कब्जे की संभावना रोकी गई
अभियान के दौरान केवल अतिक्रमण हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि अधिकारियों ने भूमि का विधिवत सीमांकन भी कराया। सीमांकन के लिए चिन्हांकन गड्ढे तैयार किए गए, जिससे भविष्य में भूमि की पहचान स्पष्ट बनी रहे और दोबारा अवैध कब्जे की संभावना कम हो। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में आगे भी निगरानी जारी रहेगी।
विद्यालय विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
अधिकारियों का कहना है कि कब्जामुक्त हुई भूमि पर अब एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से जुड़े अधोसंरचना विकास कार्यों को गति मिलेगी। विद्यालय परिसर के विस्तार, शैक्षणिक भवनों के निर्माण, छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हो गया है। इससे क्षेत्र के आदिवासी एवं ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्रशासन ने कानून के तहत कार्रवाई का किया दावा
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप की गई है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सरकारी भूमि की सुरक्षा में सहयोग करने और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को देने की अपील भी की है।











