Mumbai Alert: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन का असर अब देश के अन्य शहरों में भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के बाद पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुंबई पुलिस ने गुरुवार से पूरे शहर में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है, जो 6 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला किसी भी संभावित तनाव, हिंसा या सार्वजनिक अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

बिना अनुमति पांच या अधिक लोगों के जुटने पर रोक
जारी आदेश के अनुसार निषेधाज्ञा के दौरान शहर में बिना पूर्व अनुमति के पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सार्वजनिक सभाएं, धरना-प्रदर्शन, रैलियां और जुलूस निकालने की भी अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन या समूह को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

13 एफआईआर दर्ज, करीब 400 लोगों पर हुई कार्रवाई
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मुंबई पुलिस ने 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच बिना अनुमति किए गए प्रदर्शनों के मामलों में 13 एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में लगभग 400 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों पर गैरकानूनी जमावड़ा करने, सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने, सार्वजनिक मार्ग बाधित करने और लोक सेवकों के निर्देशों की अवहेलना जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित लोगों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 के तहत आदेश
मुंबई पुलिस ने बताया कि यह प्रतिबंध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 के तहत लागू किए गए हैं। आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, विस्फोटक सामग्री, पुतले या अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही भड़काऊ भाषण, नारेबाजी, तेज ध्वनि में संगीत बजाने या ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की भी अनुमति नहीं होगी, जिससे सार्वजनिक शांति प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने ऐसे पोस्टर, बैनर और प्रतीकों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई है जिन्हें कानून-व्यवस्था या सार्वजनिक नैतिकता के लिए अनुचित माना जा सकता है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें सरकारी आदेश की अवहेलना, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य संबंधित प्रावधान शामिल हैं। साथ ही महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत भी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
दिल्ली आंदोलन के बाद कई राज्यों में बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च के बाद कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, कथित परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। मुंबई में लागू की गई निषेधाज्ञा को भी इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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