NEET Paper Leak : कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी में संसद के पटल पर खड़े होकर देश के गंभीर मुद्दों पर खुली बहस करने का बिल्कुल भी साहस नहीं है। जयराम रमेश के अनुसार, जब भी देश में इस तरह के राष्ट्रीय महत्व के और संवेदनशील मौके आए हैं, तब इतिहास गवाह है कि उनसे पहले के सभी देश के प्रधानमंत्रियों ने संसद के भीतर आकर सीधे तौर पर चर्चा में हिस्सा लिया है और सांसदों के सभी सवालों के ठोस जवाब दिए हैं, लेकिन मौजूदा प्रधानमंत्री इस परंपरा से पूरी तरह बचते नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट से झलकती है सरकार की गहरी बेचैनी
कांग्रेस महासचिव ने आगे दावा करते हुए कहा कि देशभर के आक्रोशित छात्रों के ज्वलंत मुद्दों पर प्रधानमंत्री की ओर से सोशल मीडिया मंच पर किया गया हालिया पोस्ट इस बात का स्पष्ट संकेत दे रहा है कि वर्तमान सरकार इस समय भारी दबाव के दौर से गुजर रही है। जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह सोशल मीडिया संदेश उनकी किसी वास्तविक चिंता को नहीं, बल्कि उनके भीतर मची भारी बेचैनी और डर को उजागर कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में वोट चोरी, सीट चोरी, चुनावी चंदा चोरी और लगातार हो रहे परीक्षा प्रश्न पत्र लीक जैसे घोटालों की लंबी फेरिस्त लगातार बढ़ती ही जा रही है, जिस पर सरकार पूरी तरह से मौन साधे बैठी है।

प्रधानमंत्री मोदी का फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन का बड़ा ऐलान
आपको बता दें कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश का यह तीखा बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सोशल मीडिया संदेश के ठीक बाद सामने आया है, जिसमें पीएम ने देश के युवाओं को संबोधित किया था। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द और कठोरतम दंड सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट्स) का गठन किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने संबंधित सभी प्रशासनिक विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दे दिए हैं। पीएम ने स्पष्ट किया था कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
राहुल गांधी ने भी सरकार को घेरा और तीन प्रमुख मांगें रखीं
इस पूरे राष्ट्रीय विवाद के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि देश के मासूम युवाओं और छात्र वर्ग के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण ही पहुंचा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने सोची-समझी रणनीति के तहत पूरी शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है और उसे बर्बाद होने दिया है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने छात्रों की तीन मुख्य मांगों को दोहराते हुए कहा कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने, देश के छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Read More : Abhinav Bindra on NEET Protest: छात्रों के समर्थन में उतरे ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट, दिया बड़ा संदेश











